निंबाहेड़ा। जहां एक और सरकार पारदर्शिता पूर्ण शासन करने का नारा बुलंद कर रही है वहीं दूसरी ओर नगर परिषद निम्बाहेड़ा के अधिकारी सरकार के इस दावे पर पलीता लगाते हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी द्वारा कुछ दिनों पूर्व पत्र के माध्यम से सभी सक्षम अधिकारियों सहित प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को नगर परिषद निम्बाहेड़ा में चल रहे अनैतिक कार्यों से अवगत कराया था परंतु उससे भी नगर परिषद के अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष बंशीलाल राईवाल ने बताया कि सूत्रों से जानकारी मिली है कि नगर परिषद द्वारा 8 दिसंबर को एक ऐसे कार्य का भुगतान जीकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी को कर दिया गया है जो मौके पर पूर्ण भी नहीं हुआ है। नगर परिषद द्वारा कुछ दिनों पूर्व चौराहा एवं उद्यानों के सौंदर्यकरण कार्य का टेंडर जारी किया गया था जिसमें जीकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी की एकल निविदा को स्वीकार करते हुए नियम विरुद्ध जाकर टेंडर आवंटित कर दिया गया था। जब हमने इसकी शिकायत सक्षम स्तर पर की तो नगर परिषद के आयुक्त, एईन, जेईएन, एक्सियन सहित निर्माण शाखा, लेखा शाखा, वित्तीय शाखा ने मूर्तियां चौराहों पर लग जाने को प्रमाणित करते हुए उसका भुगतान भी कर दिया है जबकि जावद दरवाजा, विवेकानंद सर्कल, जेके चौराहा, परशुराम सर्कल, बैडमिंटन हॉल के बाहर सहित अन्य चौराहों/पार्कों पर मूर्तियां स्थापित भी नहीं हुई है, उक्त कार्य के भुगतान की राशि 1.70 करोड़ के आस पास है। साथ ही नगर परिषद द्वारा अंकित इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को भी 1.50 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है जबकि वर्तमान में अगर हम देखेंगे तो भौतिक रूप से कुछ ही जगह पर डामर के पेच वर्क का संपन्न हुआ है जो पूरी तरह से संगठित भ्रष्टाचार को इंगित करता है। जब की इसी प्रकार के टेंडर में पूर्व में संवेदकों को नगर परिषद की विस्तृत वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने की बात कह कर उनका भुगतान टाल दिया गया था। जब हमने उन संवेदकों से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि अधिकारियों एवं नगर परिषद में कुर्सी जमाए बैठे कुछ भाजपा नेताओं द्वारा बिल पास करने को लेकर अलग से भुगतान की मांग की जा रही है जिसे पूर्ण नहीं करने पर उनके भुगतान नहीं किया जा रहे हैं परंतु चहेते ठेकेदारों को बिना कार्य पूर्ण हुए ही करोड़ों रुपए का भुगतान किया जा रहा है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाषचंद्र शारदा ने उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद के अधिकारी एवं सत्ताधारी दल भाजपा के कुछ नेता गठजोड़ कर के नगर परिषद के करोड़ों रुपए को डकारने में लगे हैं जिसका सीधा प्रभाव नगर के विकास पर पड़ रहा है। अधिकारी एवं भाजपा नेता गलत तरीके से टेंडर करवा मलाई खाने में व्यस्त हैं,इसी कड़ी में कुछ दिनों पूर्व उन्होंने नया कीर्तिमान रचते हुए जो कार्य आज तक मौके पर पूर्ण भी नहीं हुआ उसका भुगतान जीकेएम कंस्ट्रक्शन कंपनी को कर दिया है जो पूरी तरह से अनैतिक एवं नियमों के विरुद्ध है।
पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष परवेज अहमद शिब्बी ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री सहित राज्य के मुख्य सचिव के अलावा सभी सक्षम अधिकारियों को जो पूर्व में शिकायत प्रेषित की है उससे शायद नगर परिषद के सक्षम अधिकारियों एवं भाजपा नेताओं को लगा कि मलाई खाने का हमारा प्लान कहीं फेल न हो जाए तो उन्होंने चौराहों पर बिना मूर्तियां स्थापित हुए उसका भुगतान ठेकेदार को कर दिया है जिसकी चर्चा पूरी नगर परिषद सहित स्थानीय ठेकेदारों में है।
हमारे द्वारा पूर्व में प्रेषित की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि नगर परिषद निम्बाहेड़ा में सत्ता एवं प्रशासन द्वारा की जा रही राजकोष की इस खुली लूट पर लगाम लगाई जा सके।