BREAKING NEWS
KHABAR : कांग्रेस का चरखा सत्याग्रह आंदोलन, पूर्व.. <<     BIG NEWS : नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के नेतृत्व.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : अतिक्रमण हटाकर हरित क्षेत्र बना रही.. <<     BIG NEWS : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं.. <<     खरगोन में कांग्रेस महिलाओं का.. <<     KHABAR : उत्कृष्ट विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम.. <<     KHABAR : नीट धांधली के खिलाफ एमपी कांग्रेस का बड़ा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : 8 साल बाद विंध्य विकास प्राधिकरण में नई.. <<     BIG REPORT : स्कूल वाहनों में कमी मिली तो होगी चालानी.. <<     BIG NEWS : युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, गंदे पानी की.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : खूनी खेल या प्रेम कहानी का अंत? ग्राम.. <<     KHABAR : खरगोन में लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा.. <<     आलोट: रणथंभौर एक्सप्रेस में पहियों से धुआं,.. <<     बड़वानी में मौसम ने अचानक बदली करवट: तेज.. <<     KHABAR : मंदसौर में हजरत इमाम हुसैन की याद में.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     VIDEO NEWS: नीमच में जिला स्तरीय जनकल्याण महोत्सव.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
December 11, 2025, 1:05 pm
BIG NEWS : मालवा के नीमच में गहराया यूरिया का संकट, किसानों का फूटा गुस्सा, बोले- खेती करें या लाइन में खड़े रहें? समाधान चाहिए, बहाने नहीं, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। जिले में यूरिया की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि सरकारी वेयरहाउस और सोसाइटियों पर खाद के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। हाल ही में किसानों ने वेयरहाउस पर पहुंचकर यूरिया उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और अपने आक्रोश को खुलकर जाहिर किया।

कागजों में ठीक, जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट- 
किसानों का कहना है कि अधिकारी कागज़ों में सब कुछ ठीक बता रहे हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। किसानों के अनुसार घंटों लाइन में लगने और धक्का-मुक्की के बाद भी महज़ 1-2 कट्टे यूरिया ही दिया जा रहा है, जबकि एक बीघा खेत के लिए कम से कम 5 कट्टों की आवश्यकता होती है। कई किसान तो पूरा दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं।

खेती करें या लाइन में खड़े रहें? किसानों का सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों का कहना है कि सोसाइटी पर खाद नहीं मिल रही, इसलिए शहर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। यहां भी उन्हें घंटों प्यासे-भूखे लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। किसानों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हम खेती बचाएँ या लाइन में खड़े रहें? अब हमारी सहनशक्ति जवाब देने लगी है।

किसानों की प्रमुख मांगें-
- गाँव स्तर पर यूरिया का नियमित वितरण शुरू किया जाए।
- पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

अधिकारी बोले- सर्वर समस्या से वितरण प्रभावित
वेयरहाउस पर मौजूद अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि मशीन और सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण वितरण कार्य में बाधा आ रही है। हालांकि किसान इसे सरकारी लापरवाही करार देते हुए मानने को तैयार नहीं हैं। नीमच में खाद संकट लगातार गहराता जा रहा है और अन्नदाता साफ कह रहे हैं कि अब उन्हें बहाने नहीं, समाधान चाहिए।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE