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December 11, 2025, 1:05 pm
BIG NEWS : मालवा के नीमच में गहराया यूरिया का संकट, किसानों का फूटा गुस्सा, बोले- खेती करें या लाइन में खड़े रहें? समाधान चाहिए, बहाने नहीं, पढ़े खबर 

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नीमच। जिले में यूरिया की किल्लत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति यह है कि सरकारी वेयरहाउस और सोसाइटियों पर खाद के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। हाल ही में किसानों ने वेयरहाउस पर पहुंचकर यूरिया उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और अपने आक्रोश को खुलकर जाहिर किया।

कागजों में ठीक, जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट- 
किसानों का कहना है कि अधिकारी कागज़ों में सब कुछ ठीक बता रहे हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। किसानों के अनुसार घंटों लाइन में लगने और धक्का-मुक्की के बाद भी महज़ 1-2 कट्टे यूरिया ही दिया जा रहा है, जबकि एक बीघा खेत के लिए कम से कम 5 कट्टों की आवश्यकता होती है। कई किसान तो पूरा दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं।

खेती करें या लाइन में खड़े रहें? किसानों का सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों का कहना है कि सोसाइटी पर खाद नहीं मिल रही, इसलिए शहर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। यहां भी उन्हें घंटों प्यासे-भूखे लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। किसानों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हम खेती बचाएँ या लाइन में खड़े रहें? अब हमारी सहनशक्ति जवाब देने लगी है।

किसानों की प्रमुख मांगें-
- गाँव स्तर पर यूरिया का नियमित वितरण शुरू किया जाए।
- पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

अधिकारी बोले- सर्वर समस्या से वितरण प्रभावित
वेयरहाउस पर मौजूद अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि मशीन और सर्वर की तकनीकी समस्या के कारण वितरण कार्य में बाधा आ रही है। हालांकि किसान इसे सरकारी लापरवाही करार देते हुए मानने को तैयार नहीं हैं। नीमच में खाद संकट लगातार गहराता जा रहा है और अन्नदाता साफ कह रहे हैं कि अब उन्हें बहाने नहीं, समाधान चाहिए।

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