मुरैना। बालाघाट में माओवाद विरोधी अभियान में एक महीने की ड्यूटी करने के बाद लौटते समय सागर जिले में हुए सड़क हादसे में बलिदान हुए चारों पुलिसकर्मियों के शव बुधवार की देर रात मुरैना पहुंचे। गुरुवार की सुबह 9 बजे से पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। ताबूतों में आए चारों पुलिसर्मियों विनोद शर्मा, प्रद्युम्न दीक्षित, परमाल सिंह तोमर और अमन कौरव के शव कतार से रखे गए। ताबूतों के ऊपर चारों की तस्वीरें रखी गईं।
गार्ड आफ आनर के साथ डीआइजी सुनील कुमार जैन सबसे पहले श्रद्धांजलि दी, इसके बाद एडिशनल एसपी से लेकर कई वरिष्ठ पुलिस अफसर, पुलिस अफसर, मृतकों के स्वजन, परिचित आदि लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शवों पर फूल माला और फूल चढ़ाने के दौरान कई पुलिसकर्मी और मृतकों के स्वजन फूट-फूटकर रोने लगे, यह देख डीआइजी व एएसपी तक की आंखे नम हो गईं। इसके बाद चारों के शव उनके पैतृक गांव भेज दिए, जहां उनके अंतिम संस्कार हुए।
गौरतलब है, कि मृतक आरक्षक अनिल कौरव भिंड जिले के टेकोन गांव के, प्रद्युम्न दीक्षित भिंड के फूफ, परमाल सिंह तोमर अंबाह के नखती गांव और विनोद शर्मा जौरा के निवासी थे। मृतकों के स्वजन को विभाग की ओर से एक-एक लाख रुपये के चेक भी दिए गए। पुलिस लाइन में चारों पुलिसकर्मियों के शव आने और उन्हें श्रद्धांजलि देने की खबर लगने के बाद कई आम नागरिक पहुंचे, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल का कोई पदाधिकारी, सांसद या विधायकों में से एक भी नहीं पहुंचा, न ही नेता इनका कोई स्वजन श्रद्धांजलि देने आया। चर्चा का विषय यह भी बना रहा, कि राजस्व विभाग से कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार स्तर का कोई अधिकारी तक नहीं आया।
वही अनिल कुमार जैन डीआइजी बताया कि यह बड़ी दुखद घटना है। यह पांच लोग बालाघाट से ड्यूटी करके वापिस अपनी यूनिट में आ रहे थे। सागर से 40 किलोमीटर आगे रजबास और बांदरी के बीच में बीडीडीएस का वाहन और ट्रक में टक्कर हो गई। इसमें चार जवान शहीद हो गए। यह घटना बहुद दुखद है, हम लोग आज इन शहीदों को श्रद्धांजलि देने आए हैं। अभी जो राशि दी गई है वह इनके अंतिम संस्कार में कोई कमी नहीं रहे, इसके लिए हैं। एक जवान दिल्ली में भर्ती है, उसकी हालत स्थिर है।