उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में हनुमान अष्टमी का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर महाकाल मंदिर परिसर स्थित श्री बाल विजय मस्त हनुमान मंदिर के गर्भगृह में गुरुवार को 9 किलोग्राम चांदी से निर्मित एक नया द्वार स्थापित किया गया। 12 दिसंबर को हनुमान अष्टमी के दिन शहर के सभी हनुमान मंदिरों में अखंड रामायण, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित श्री बाल विजय मस्त हनुमान मंदिर में यह पर्व विशेष उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। श्रीराम कथा व्यास सुलभ शांतु महाराज ने बताया कि नौ दिवसीय महोत्सव की शुरुआत 4 दिसंबर को अखंड रामायण पाठ से हुई थी। 11 दिसंबर को हनुमान अष्टमी की पूर्व संध्या पर श्री बाल हनुमान का दिव्य शृंगार किया जाएगा।
12 दिसंबर को सुबह 9 बजे मंगला आरती में 11 हजार बेसन के लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा, जिसके बाद प्रसाद वितरित होगा। दोपहर 2 बजे अखंड रामायण पाठ की पूर्णाहुति होगी और शाम 7 बजे मुख्य आरती की जाएगी। आरती के पश्चात महाप्रसादी का आयोजन भी होगा। इस आयोजन में भक्त मंडल के हस्तीमल नाहर, सीताराम अग्रवाल, प्रहलाद दाड़, बंटी भदौरिया, प्रवीण ठाकुर, अंजनेश शर्मा, रामावतार शर्मा, मनोहर दुबे, अभय जैन, गोपाल पाटोदिया, शैलेन्द्र तोमर, राहुल कटारिया, मनीष कटारिया, सौरभ शर्मा, अतुलित शर्मा और अभिषेक जैन सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
सुलभ शांतु महाराज ने बताया कि गुरुवार को बाल हनुमान मंदिर के गर्भगृह में 9 किलो चांदी से बना नवीन द्वार स्थापित किया गया। इस द्वार की अनुमानित लागत करीब 18 लाख रुपए है। इस पर आकर्षक कारीगरी की गई है, जिसमें द्वार के दोनों ओर आशीर्वाद देते हुए हनुमानजी की आकृतियां अंकित हैं। द्वार पर गज (हाथी) और ऊं व स्वास्तिक के चिन्ह भी बनाए गए हैं, जो इसकी शोभा बढ़ा रहे हैं। भोपाल के एक भक्त द्वारा यह चांदी का द्वार बाल हनुमानजी की सेवा में अर्पित किया गया है, जिसका विधि-विधान से पूजन कर शुभ मुहूर्त में मंदिर को समर्पित किया गया।