भोपाल। ‘विकास और सेवा के 2 वर्ष डॉ मोहन यादव का अभ्युदय मध्यप्रदेश’ (सरकार के दो साल पूरे होने) पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेस की।
पत्रकारों के सवाल अलग होते और छपता अलग
जीतू पटवारी ने कहा- दो साल पूरे हो गए सरकार के लेकिन क्या स्थिति है आज उस बारे ने चर्चा होगी। सरकार से पत्रकारों के सवाल अलग होते हैं और छपता अलग है। अभी सरकार ने प्रेस कांफ्रेंस की। पत्रकार सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं, बखान कर रहे हैं। मैं माफी के साथ कहता हूं कि सवाल यह था कि मेडिकल की स्थिति क्यों खराब, कर्ज पर कर्ज क्यों, एक पेड़ मां के नाम और पूरा जंगल अदाणी के नाम, भ्रष्टाचार क्यों है..सवाल यह थे..बहनों को तीन हजार क्यों नहीं..55 हजार करोड़ की चोरी बहना योजना के यह सवाल होता..। यह दो साल प्रदेश की बर्दादी के सवाल हैं।
सौरभ शर्मा की सोने की ईंटें कहा गई
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- सरकार के दो साल पूरे लेकिन जनता के हजारों सवाल हैं। डबल इंजन की बात करने वाली सरकार कर्ज लेकर अपने सिंगल एजेंडे पर काम कर रही है। कई योजनाओं में केंद्र सरकार ने पैसे देना बंद कर दिया। परिवहन घोटाला, नर्सिंग घोटाला, सौरभ शर्मा की सोने की ईंटें कहा गई किसके पास है सरकार बताएं। शैंपू की बात करने वाले मंत्री बताते हैं.फिर प्याज क्यों सड़कों पर है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दो साल से मास्टर प्लान नहीं ला पाए..धारा 16 के तहत जमीनों के नाम पर गड़बड़ी की गई। यह भी तो आज सरकार को बताना था न, यह भी सरकार की ही उपलब्धि।
22 साल हो गए बीजेपी सरकार को और 2 साल की बात
भूमाफिया किसकी शह पर हावी हैं सरकार बताएं। परीक्षाओं के नाम पर धांधली यह भी सरकार की उपलब्धि। 22 साल हो गए बीजेपी की सरकार को और 2 साल की बात करते हैं, डच् गजब ही है। उमंग सिंघार ने कहा- सरकार कई बातों को भूल गई। कई बार विधानसभा में सत्र की बात की लेकिन सब जानते है क्या किया। सरकार बखान करती है लेकिन विधानसभा कार्यवाही का लाइव प्रसारण क्यों नहीं करती। डरपोक सरकार ने प्रदेश को बीमार किया है। कुपोषण, बेरोजगारी, किसान को लाभ, शिक्षा क्या अच्छा हुआ सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। कुपोषण बच्चों को हुआ पर ये हार सरकार की है। एमपी में एक लाख पर 169 शिशु मृत्यु दर है।
सरकार जनता के पैसों से जश्न मना रही
एमपी में युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। एमपी में 25 लाख से ज्यादा बेरोजगार है। सरकार जनता के पैसों से जश्न मना रही है। प्रदेश ने शिक्षकों की लगातार कमी है।मेट्रो के नाम पर ट्रायल कर देते है इस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। सरकार ने 27 फीसदी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा पेश नहीं किया। आज देश में सबसे ज्यादा महंगी बिजली मिल रही है। आम जनता की जेब खाली हो रही है कंपनियों की भरी जा रही है। पूरे प्रदेश में शराब गली गली बिक रही हैं।उज्जैन में शराब बिक रही है या नहीं इसका जबाव दे। उज्जैन से गुजरात शराब जा रही है। 2 साल की जगह 22 साल का हिसाब देना चाहिए।