मंडफिया। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलियाजी मंदिर में गुरुवार को भगवान का भंडार खोला गया। भंडार खुलते ही पहले दिन 12 करोड़ 10 लाख रुपए की गिनती हुई। राजभोग आरती के बाद जैसे ही भंडार खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई, मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठा। हर कोई भगवान सांवलियाजी के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास को महसूस करता नजर आया। इतनी बड़ी राशि पहले ही दिन निकलने से भक्तों में भी खास चर्चा रही।

राजभोग आरती बाद अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा रही
भंडार मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन प्रभा गौतम की मौजूदगी में खोला गया। पूरे समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई, ताकि किसी तरह की कोई अव्यवस्था न हो। मंदिर मंडल सदस्य पवन तिवारी, किशनलाल अहीर, रामलाल गुर्जर और हरिराम गाडरी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी की निगरानी में भंडार को सावधानीपूर्वक खोला गया और फिर गिनती का काम शुरू किया गया।

भंडार गणना में पहले दिन बनी अब तक की रिकॉर्ड
भंडार से निकली राशि की गणना के पहले ही दिन 12 करोड़ 10 लाख रुपए गिने गए। इतनी बड़ी रकम देखकर हर कोई हैरान रह गया। यह राशि मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। भगवान सांवलियाजी पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ता जा रहा है और उसी का परिणाम है कि भंडार से हर बार बड़ी राशि निकल रही है।

नोटों के साथ सोना चांदी मिला अभी गणना बाकी है
भंडार से केवल नोट ही नहीं, बल्कि सोने और चांदी के आभूषण भी निकले हैं। फिलहाल नोटों से सोना-चांदी के सामान को अलग किया गया है। अभी भी काफी मात्रा में नोटों और चिल्लर की गिनती बाकी है। इसके साथ ही भंडार से निकले सोने और चांदी का वजन किया जाना भी बाकी है। मंदिर कार्यालय और भेंट कक्ष में नगद और मनीऑर्डर से आई राशि तथा वहां जमा सोना-चांदी का वजन और पूरा विवरण आना अभी बाकी है।

सत्संग हॉल में गणना अमावस्या को जारी रहेगा
भंडार की गणना पिछली बार से मंदिर चौक के जगह सत्संग हॉल में की जा रही है। जगह ज्यादा होने से गिनती का काम आसानी से और व्यवस्थित तरीके से हो रहा है। इसी कारण अब अमावस्या के दिन भी भंडार की गणना जारी रहेगी। इस पूरे काम में मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी शंकर पारीक, लेखाकार राजेंद्र सिंह, सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और अलग-अलग बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हैं। सभी मिलकर गणना का काम पूरी जिम्मेदारी से कर रहे हैं।
