नीमच। जैन दिवाकर भवन में वैश्य महासम्मेलन मध्यप्रदेश के वैश्य महिला प्रकोष्ठ, नीमच इकाई द्वारा न्यूमैरोलॉजी एवं वास्तु विषय पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य महिलाओं को अंकों की शक्ति एवं वास्तु संतुलन के माध्यम से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपायों से अवगत कराना रहा।
शिविर की मुख्य वक्ता प्रसिद्ध न्यूमैरोलॉजिस्ट श्वेता चुंडावत ने न्यूमैरोलॉजी का सरल एवं सारगर्भित परिचय देते हुए बताया कि जन्मतिथि, नाम एवं उनसे जुड़े अंकों का व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य, करियर और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि 1 से 9 तक प्रत्येक अंक की अपनी विशिष्ट ऊर्जा होती है, जो सही सामंजस्य में होने पर सफलता, आत्मविश्वास एवं स्थिरता प्रदान करती है।
श्वेता चुंडावत ने कहा कि नाम के अक्षरों और जन्मांक के बीच संतुलन नहीं होने पर जीवन में बार-बार बाधाएं, मानसिक तनाव एवं आर्थिक अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने बताया कि नाम की स्पेलिंग में संतुलन, शुभ रंगों का प्रयोग, सही दिशा में कार्य प्रारंभ करना तथा वास्तु दोषों के निवारण जैसे छोटे-छोटे उपायों से इन समस्याओं में सुधार संभव है।
शिविर के दौरान महिलाओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर अंकों के आधार पर व्यक्तिगत एवं व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में वैश्य महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारी सहित शहर की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
आयोजकों ने बताया कि वैश्य महिला प्रकोष्ठ द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता एवं मार्गदर्शन शिविर निरंतर आयोजित किए जाएंगे।