भाटखेड़ी। श्रीकृष्ण गोशाला भाटखेड़ी में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा का वाचन संत ओमप्रकाश वैष्णव (चित्रकूट धाम आश्रम, हतूनिया) के मुखारविंद से किया जा रहा है। वे श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण और प्रेरणादायक वर्णन कर रहे हैं।
रविवार को आयोजन के पांचवें दिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक पूरा पंडाल भक्तिरस में सराबोर रहा। इस अवसर पर संत श्री ओमप्रकाश वैष्णव ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन तभी सार्थक होता है, जब वह भगवत भक्ति और धर्म के मार्ग पर अग्रसर हो। उन्होंने सनातन धर्म की महानता, उसके मूल सिद्धांतों और जीवन में सदाचार के महत्व को सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में समझाया।
संगीतमय कथा के दौरान बालकृष्ण एवं गोपियों की वेशभूषा में सजी बालिकाओं ने रासलीला प्रस्तुत की। भजनों पर नृत्य करते बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा में बड़ी संख्या में नगर एवं आसपास क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है।