चित्तौड़गढ़। स्थानीय संगीत संस्था सीक्रेट सिंगर के तत्वावधान में स्वरांजलि के बैनर तले महान अभिनेता धर्मेन्द्र को श्रृद्धांजलि स्वरूप स्थानीय वाटिका में एक गायन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें उदयपुर और चित्तौडगढ़ के सुर साधक कलाकारों ने अपने गीतों की प्रस्तुतियाँ दीं।
स्वरांजलि के संस्थापक विकास स्वर्णकार, सह संस्थापक मोहन सोनी, संरक्षक गजेन्द्र सोनी ने महान अभिनेता धर्मेन्द्र को श्रृद्धांजलि दी। चित्तौडगढ स्वरांजलि यूनिट के प्रभारी बालेश गौड़ ने बताया कि इस अवसर पर उदयपुर से आए 26 कलाकारों व चित्तौड़गढ़ के 16 सुरसाधक कलाकारों ने मन मोहक गीत प्रस्तुत किये। रविवार 21 दिसम्बर के इस आयोजन में बालेश गौड़ ने ये जो चिलमन गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संजय कोदली के गीत मेरे दोस्त किस्सा ये क्या हो गया गाकर खूब तालियाँ बटोरी। भगवती लाल सालवी ने खुदा भी आसमां से, निशा कौशिक ने सुन साहिबा, ईशा कंवर ने मेरे नसीब में, ऋतु भटनागर ने मस्त कलंदर, कृष्णा वैष्णव ने निंदिया से जागी बहार, पिंकी राज ने ए दिल ए नादां, चन्द्रप्रकाश ने आपके अनुरोध पर, गणेश ने मेरे प्यार की उम्र, महेन्द्र ने मैं तुझे छोड़ के, नरेश रामचंदानी ने चलले चलते, शैलेन्द्र निगम ने हाल क्या है दिलों का, कैलाश लोट ने तुझको पुकारे मेरा प्यार, मुकेश सपरा ने सजनवा बैरी, सुमन टांक ने फिजा भी है जवां जवां गीत प्रस्तुत किये।
इस अवसर पर अभिनेता धर्मेन्द्र के जीवन पर आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। अभिनेता धार्मेन्द्र के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें गीतों भरी श्रद्धांजलि दी गई। संचालन नूतन बेदी और भगवती लाल सालवी ने किया।