भगवानपुरा। नगर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में पूर्व छात्र मिलन समारोह का ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन किया गया। गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न इस कार्यक्रम में वर्षों बाद एक मंच पर जुटे पूर्व छात्रों ने पुरानी यादों को ताजा किया।
शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भगवानपुरा में सत्र 1987 से 2007 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस मिलन समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन के साथ किया गया। कार्यक्रम से पूर्व सभी आगंतुक पूर्व छात्रों का पंजीयन किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान का गायन हुआ तथा दिवंगत शिक्षकों एवं दिवंगत पूर्व छात्रों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह के दौरान विद्यालय के पूर्व वरिष्ठ शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। भगवानपुरा मुख्यालय पर पहली बार आयोजित इस भव्य आयोजन में भोपाल, इंदौर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, धार, झाबुआ सहित गोवा और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में पूर्व छात्र शामिल हुए।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व शिक्षक भरत पुरोहित, शिक्षिका रचना पुरोहित, जगदीशचंद्र साकले, पंडरीनाथ कलमे, कैलाशचंद्र महाजन, शरद दुबे एवं राजाराम मंडलोई ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे भावनात्मक और प्रेरणादायक बताया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।
वर्षों बाद मिले सहपाठियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। मंच से सभी पूर्व छात्रों ने अपना-अपना परिचय दिया और छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो बचपन के सुनहरे दिन एक बार फिर लौट आए हों।
स्वरुचि भोज के पश्चात पूर्व सीनियर छात्रों द्वारा मसाल जलाकर पूर्व जूनियर छात्रों को सौंपा गया और भविष्य में भी इस परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया।
आयोजन को सफल बनाने में आयोजक समिति के विजय नांदुलकर, सुरेश राठौड़, राहुल गुप्ता, रंजीत चौहान, गुड्डा मालवीया, सुरेश हीरवे, राजेश वर्मा, बिहारीलाल मालवीया एवं महेश मालवीया सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों सरकारी सेवा, निजी क्षेत्र एवं व्यवसाय में कार्यरत पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाना था। यह आयोजन न केवल स्मृतियों को संजोने वाला रहा, बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी के लिए भी एक सकारात्मक संदेश छोड़ गया।