मंदसौर। नगर पालिका परिषद मंदसौर में सोमवार को वार्ड क्रमांक 35 की पार्षद प्रतिभा भेरवे के पति विक्रम भेरवे द्वारा उपयंत्री रोहित कैथवास के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फाइल पर हस्ताक्षर कर उसे तत्काल आगे बढ़ाने के दबाव को लेकर हुए विवाद के दौरान नगर पालिका कार्यालय परिसर में गाली-गलौच, थप्पड़बाजी और जान से मारने की धमकी दी गई।

घटना के विरोध में मंगलवार को नगर पालिका के शासकीय कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए शासकीय कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कार्य वातावरण को प्रभावित करती हैं।

फाइल को लेकर हुआ विवाद-
उपयंत्री रोहित कैथवास (35), निवासी अभिनंदन कॉलोनी, सोमवार को कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान विक्रम भेरवे अध्यक्ष कार्यालय पहुंचे और दीपक तंवर से संबंधित एक फाइल के बारे में जानकारी मांगी। उपयंत्री ने बताया कि संबंधित फाइल शासकीय अधिवक्ता की राय के लिए भेजी गई है और विधिक टीप प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आरोप है कि विक्रम भेरवे ने फाइल तत्काल लिखवाकर लाने का दबाव बनाया। वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी देने पर वे आक्रोशित हो गए और अश्लील गालियां देते हुए उपयंत्री के साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने 8 से 10 थप्पड़ मारे। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जाते समय पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण-
घटना के बाद उपयंत्री रोहित कैथवास ने शहर कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर के अनुसार आरोपी विक्रम भेरवे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132, 221, 121(1), 296(बी) और 351(3) के तहत शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट एवं धमकी देने का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।

विवादित फाइल से जुड़ा रहा है हत्या का आरोपी-
जिस दीपक तंवर से संबंधित फाइल को लेकर विवाद हुआ, वह पूर्व में युवराज हत्याकांड का आरोपी रह चुका है। इस जानकारी के सामने आने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। इस संबंध में मीडिया द्वारा विक्रम भेरवे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। नगर पालिका कर्मचारियों ने दोहराया कि शासकीय सेवकों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
