नीमच। सत्यम ज्वेलर्स प्रकरण में मंगलवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान का ताला खुलवाकर जांच की। थाना प्रभारी पुष्पा चौहान पुलिस दल के साथ मौके पर मौजूद रहीं। पुलिस ने दुकान के भीतर दस्तावेजों की जांच की और आवश्यक कागजात जब्त कर लिए। जांच के बाद दुकान को पुनः सील कर दिया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

दुकान के बाहर बड़ी संख्या में निवेशक मौजूद रहे, जो पुलिस जांच के निष्कर्ष को लेकर उत्सुक नजर आए। निवेशकों का कहना है कि उन्होंने सत्यम ज्वेलर्स में करोड़ों रुपये नकद, सोना-चांदी और जेवरात अमानत के तौर पर जमा कर रखे थे। संचालक बहादुर सोनी के निधन के बाद उनकी यह पूंजी अनिश्चितता में फंस गई है।

निवेशकों ने आरोप लगाया कि पूर्व में अधिकारियों द्वारा यह कहा गया था कि दुकान खुलने पर मीडिया और निवेशकों को भी अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन मौके पर ऐसा नहीं हुआ। इससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल दस्तावेजों और खातों की जांच की जा रही है। सोना-चांदी, नकदी या तिजोरी की जांच अभी नहीं की गई है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में निवेशकों द्वारा एक कथित सिंडिकेट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कुछ नाम सामने आए हैं। निवेशकों की मांग है कि पूरे प्रकरण की गहराई से निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उनकी जमा पूंजी सुरक्षित लौटाई जा सके। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और निवेशकों की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
