तराना। माँ अहिल्या की नगरी तराना नगर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बजरंग झंडा समिति द्वारा भव्य श्शाही सवारी एवं झंडा चल समारोहश् का आयोजन 6 जनवरी को अत्यंत गरिमामय ढंग से किया गया। कड़ाबिन के गगनभेदी धमाकों और धार्मिक जयघोष के साथ जब सवारी शुरू हुई, तो पूरा तराना शहर भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम
सवारी में उज्जैन के सुप्रसिद्ध श्निकुंज डीजे की भक्तिमय धुनों ने युवाओं में भारी उत्साह भर दिया। डीजे की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। वहीं, सुंदराबाद के मशहूर श्शुभम संगीत बैंडश् की सुरीली प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बैंड वादकों ने अपनी कला से सभी का मन मोह लिया।
शौर्य का प्रदर्शनरू बाल हनुमान अखाड़ा
समारोह का मुख्य केंद्र श्बाल हनुमान अखाड़ा, तरानाश् के जांबाज कलाकार रहे। अखाड़े के युवाओं और बच्चों ने लाठी-काठी और तलवारबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। शौर्य और पराक्रम का यह प्रदर्शन देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर भारी भीड़ जमा रही।
कड़ाबिन के धमाकों से गूंजा आकाश
सवारी के स्वागत में जगह-जगह कड़ाबिन के धमाके किए गए, जो इस शाही सवारी की विशिष्ट पहचान बन चुके हैं। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस सवारी पर रहवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बजरंग झंडा समिति के सदस्यों ने बताया कि छोटे से रुप में शुरू हुआ झंडा अब भव्यता प्रदान कर रहा है जिसे हर वर्ष और भी भव्य रूप दिया जा रहा है।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
नगर के सामाजिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा शाही झंडा चल समारोह का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया गया से स्वागत किया प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, जिससे समारोह निर्विघ्न संपन्न हुआ। देर शाम महाआरती के साथ इस भव्य चल समारोह का समापन हुआ।