नीमच। नगरपालिका नीमच की बहुचर्चित योजना क्रं. 23 के भूखंड क्रं. 2 को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। भाजपा पार्षदों ने नगर सुधार न्यास एवं नगरपालिका के तत्कालीन अधिकारियों पर दोषपूर्ण, अवैधानिक व षड्यंत्रपूर्ण कार्यवाही के आरोप लगाते हुए आवंटन निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में पार्षदों ने उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि दशहरा मैदान क्षेत्र स्थित इस व्यावसायिक भूखंड का मूल्य गाइडलाइन के अनुरूप न तय कर जानबूझकर कम दरों पर विक्रय किया गया, जिससे शासन को राजस्व हानि हुई। आरोप है कि नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से अभिविन्यास अनुमोदन के बिना ही भूखंड क्रं.-2 का विक्रय कर दिया गया।
पार्षदों के अनुसार 16 जुलाई 2002 को कृष्ण कुमार गट्टानी के नाम जारी पट्टे में 10 वर्ष तक विक्रय पर रोक थी, इसके बावजूद 2009 में भूखंड लीलादेवी सिंघल को बेच दिया गया, जो शर्तों का उल्लंघन है। इसके बाद भी नामांतरण कर नया पट्टानामा जारी किया गया। वर्ष 2019 में विधिक अभिमत में आवंटन अवैधानिक बताया गया था, फिर भी 2021 में भूखंड को फ्रीहोल्ड घोषित कर निर्माण अनुमति दी गई।
भाजपा पार्षदों ने मांग की है कि योजना क्रं.-23 की निष्पक्ष जांच कर भूखंड क्रं. 2 को नगरपालिका के कब्जे में लेकर पुनः आवंटन किया जाए। इस अवसर पर पार्षद शशि कल्याणी, रूपेंद्र लोक्स एवं योगेश कवीश्वर उपस्थित रहे।