उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में सेना के रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी को सीबीआई में शिकायत का डर दिखाकर शातिर बदमाशों ने 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। वृद्ध ठगो का शिकार होकर मांगे गए लाखों रुपए ट्रांसफर करने गए, लेकिन पुलिस और बैंक अधिकारी की सतर्कता से ठग अपने मंसूबों में कामयाब नही हो सके।
दरअसल सेना रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल गंगाराम वर्मा उम्र 83 वर्ष पत्नी के साथ ग्राम लेकोडा में रहते है।मंगलवार को उन्हें सीबीआई अफसर बन ठगो ने काल किया। बताया कि उनके नाम की सीम मनी लॉन्ड्री में यूज हुई है इसलिए बॉम्बे हाईकोर्ट से वारंट निकला है। लगातार वीडियो काल कर उन्हें मिनिस्ट्री के आदेश का भी हवाला देकर बताया की उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। ठगों ने तीन लाख रुपए की डिमांड कर किसी को भी यह नहीं बताने की हिदायत दी। डर के कारण दंपति ने किसी को कुछ नहीं बताया और वर्मा बुधवार को नई सड़क स्थित भारतीय स्टेट बैंक में दिए नम्बर पर आरटीजीएस करने पहुंच गए।
बैंक अधिकारी की सतर्कता से बचे,
बैंक में वर्मा की हड़बड़ाहट और उन्हें लगातार आ रहे काल से सीनियर एसोसिएट प्रियांक को शक हो गया, लेकिन पूछने पर भी वर्मा कुछ बताने को तैयार नहीं हुए। सिर्फ आरटीजीएस की जल्दी करते रहे। नतीजतन शंका होने पर प्रियांक ने अपनी परिचित खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा को बताया। आकांक्षा ने पुलिस के ग्रुप पर मामला शेयर किया तो सीएसपी राहुल देशमुख और दीपिका शिंदे बैंक पहुंच गए। दोनों ने वर्मा को एक घंटे तक विश्वास में लेकर उनका मोबाइल चेक किया। तत्पश्चात उन्हें फ्राड काल होने का विश्वास दिलाकर रुपए ट्रांसफर करने से रोक दिया।
रात भर रोए दंपति
मामले में एसपी प्रदीप शर्मा ने रात को प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। यहां वर्मा ने रोते हुए बताया कि गिरफ्तार होने से उनकी समाज में इज्जत खराब हो जाती। इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया ओर वह रात भर पत्नी के साथ घर में बंद होकर रोते रहे। एसपी ने उनके मोबाइल में आई काल ओर मेसेज की जांच कर ठगो को पकड़ने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर उनका ओर बैंक कर्मियों का सम्मान किया। साथ ही पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की।