खनियांधाना। 25 दिसंबर को एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर पवित्र ग्रंथ श्मनुस्मृतिश् जलाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सवर्ण आर्मी (सवर्ण सेवा न्यास) ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पुलिस प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाते हुए सवर्ण आर्मी के प्रदेश महासचिव फौजी ठा. सोनू चौहान द्वारा थाना प्रभारी खनियाधाना को लिखे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि 25 दिसंबर 2025 को भीम आर्मी (आजाद समाज पार्टी) के एक कार्यक्रम में खुले मंच से पवित्र ग्रंथ मनुस्मृति को जलाया गया। पत्र के अनुसार, इस कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया और धर्म विरोधी नारे लगाए गए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में जातिगत तनाव पैदा करने की कोशिश की गई है।
इन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज संगठन ने पत्र में कई नामों का उल्लेख करते हुए उन पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई की मांग की है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं विनय रतन, दामोदर यादव, सुनील विद्रोही ,राम सिंह बौद्ध, जसरथ, सुनील अस्तेय,सुनील बैरसिया, मकरंद बौद्ध, सुरेंद्र राजा (जिलाध्यक्ष, भीम आर्मी शिवपुरी) भूख हड़ताल की चेतावनी सवर्ण आर्मी ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाला और घृणित है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए इन अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि प्रशासन उचित कदम नहीं उठाता है, तो सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।