BREAKING NEWS
KHABAR : मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शुभारंभ.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : खनियांधाना में मुख्यमंत्री जन-विश्वास.. <<     NEWS : राजस्थान की बड़ीसादड़ी पुलिस और अवैध मादक.. <<     KHABAR : तहसीलदार के नेतृत्व में सीएम जन विश्वास.. <<     BIG NEWS : खाकी ने किया दिनदहाड़े हुई चोरी का खुलासा,.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने ढाकनी स्कूल में परखी पढ़ाई की.. <<     KHABAR : आस्था की राह हुई आसान, नीमच से खाटू श्याम.. <<     KHABAR : वर्षों से खाली पड़े बेशकीमती भूखंड पर नगर.. <<     NEWS : लोन फोरक्लोजर रिपोर्ट को लेकर विवाद,.. <<     NEWS : उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को उपचार.. <<     BIG REPORT : नीमच में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, जब.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राजनगर में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने आंगनवाड़ी में परखी शाला पूर्व.. <<     NEWS : खुले बिजली तार और असुरक्षित ट्रांसफार्मर.. <<     KHABAR : सोनकच्छ बाल वाटिका में पहुंचे.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 8, 2026, 3:56 pm
KHABAR : एमपी हाईकोर्ट ने कहा-प्रोबेशन में वेतन कटौती अवैध, सरकार 100 प्रतिशत काम लेती है तो सैलरी कम क्यों, कर्मचारियों को एरियर्स सहित पैसा लौटाने के आदेश, पढे़ खबर 

Share On:-

जबलपुर। हाईकोर्ट से मध्य प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड के दौरान वेतन में की गई कटौती को अवैध करार देते हुए स्पष्ट आदेश दिया है कि जिन कर्मचारियों से सैलरी काटी गई है, वह राशि एरियर्स सहित वापस की जाए।


हाईकोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा 12 दिसंबर 2019 को जारी सर्कुलर को रद्द कर दिया है, जिसके तहत नई भर्तियों में पहले वर्ष 70 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 90 प्रतिशत वेतन देने का प्रावधान किया गया था।


100 प्रतिशत काम लिया तो वेतन में कटौती क्यों?
जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोट की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सरकार कर्मचारियों से 100 प्रतिशत काम ले रही है, तो प्रोबेशन के नाम पर वेतन में कटौती का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने साफ कहा कि प्रोबेशन अवधि में भी “समान काम के लिए समान वेतन” का सिद्धांत पूरी तरह लागू होगा और नियमित प्रकृति का कार्य लेने पर पूरा न्यूनतम वेतन देना अनिवार्य है।


रिकवरी भी अवैध, पैसा लौटाने के आदेश
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोबेशन पीरियड में वेतन की गई रिकवरी पूरी तरह अवैध है। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि जिन कर्मचारियों को इस अवधि में पूरा वेतन नहीं दिया गया, उन्हें शत-प्रतिशत वेतन का लाभ दिया जाए और कटी हुई राशि एरियर्स के रूप में लौटाई जाए।


तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़ा मामला
यह मामला तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सामान्य सेवा शर्तें) नियम, 1961 के नियम 8(1) के तहत हुई थी। परिपत्र में एमपीपीएससी से नियुक्त कर्मचारियों और अन्य एजेंसियों से भर्ती कर्मचारियों के वेतन में अंतर किया गया था। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था को भेदभावपूर्ण और अव्यावहारिक बताते हुए खारिज कर दिया। इस फैसले से प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को सीधा और बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE