नीमच। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि गांवों, गरीबों, मजदूरों और किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अर्थात विकसित भारत जी-राम-जी योजना देश और प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। यह योजना मजदूरों और किसानों दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की गई है। इससे पहले मनरेगा योजना में यह गारंटी 100 दिनों की थी। उन्होंने कहा कि अब कृषि श्रमिकों को भी पर्याप्त रोजगार उपलब्ध हो सकेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी स्रोत विकसित किए जाएंगे।
क्या है विकसित भारत जी-राम-जी योजना-
भूरिया ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025 में लागू विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) का उद्देश्य देश के सभी गांवों, गरीबों और किसानों का चहुंमुखी विकास करना तथा ग्राम स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करना है। इस अधिनियम के माध्यम से ‘हर हाथ को काम’ की संकल्पना को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों, खेतिहर मजदूरों, किसानों और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित होगी तथा गांवों के समग्र विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
कार्य योजना बनाकर मिशन को मिलेगी गति-
प्रभारी मंत्री ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समुचित कार्य योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत गोपालन को बढ़ावा दिया जाएगा तथा अन्य सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। हर जिले में स्टॉल और मार्केट की व्यवस्था की जाएगी, जिससे किसानों के प्राकृतिक उत्पाद सीधे आमजन तक पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए किसानों को आवश्यकतानुसार अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक अमले की हिस्सेदारी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे जवाबदेहिता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
ग्रामीण आजीविका के स्थायी स्रोतों पर जोर-
प्रभारी मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार तय मानकों के अनुसार प्रत्येक राज्य को योजना के लिए निर्धारित राशि उपलब्ध कराएगी। अधिनियम में ग्रामीण आजीविका के स्थायी स्रोत विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों के देशज ज्ञान, कौशल, उद्यमिता और पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
बेरोजगारी भत्ता और विलम्बित मजदूरी का प्रावधान-
उन्होंने बताया कि योजना में बेरोजगारी भत्ता एवं विलम्बित मजदूरी भुगतान का भी प्रावधान किया गया है। यदि किसी ग्रामीण परिवार को मांग करने के बावजूद तय समय सीमा में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो राज्य सरकार को बेरोजगारी भत्ता देना होगा। वहीं कार्य पूर्ण होने के बाद मजदूरी का भुगतान विलंब से होने पर श्रमिक को अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
पंचायती राज संस्थाओं को सौंपी गई जिम्मेदारी-
प्रभारी मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतु एवं अर्द्ध-घुमंतु समुदाय, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग मुखिया परिवार, छोटे एवं सीमांत किसान, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं वन अधिकार अधिनियम के हितग्राहियों को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। अधिनियम के अंतर्गत ग्रामसभा, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं राज्य रोजगार गारंटी परिषद को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
यह जानकारी प्रभारी मंत्री ने सर्किट हाउस नीमच में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से संवाद के दौरान दी। इस अवसर पर विधायक ओमप्रकाश सखलेचा, विधायक नीमच दिलीप सिंह परिहार, विधायक मनासा अनिरुद्ध मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।