नीमच/मंदसौर। मालवा के नीमच व मंदसौर में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। लगातार गिरते तापमान और शीतलहर के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ठंड के प्रकोप को देखते हुए मंदसौर के जिला प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों में 13 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है, जबकि छठी से आठवीं कक्षा की पढ़ाई अब सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगी। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में ठंड में और इजाफा होने की संभावना जताई है।
सुबह घने कोहरे की आगोश में लिपटा रहा शहर-
बुधवार रात मंदसौर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार सुबह शहर घने कोहरे और ठंड की चादर में लिपटा नजर आया। सुबह करीब 11 बजे तक धूप नहीं निकल सकी और तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस बना रहा। नीमच में भी सुबह 9 बजे तक घन कोहरा छाया। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान में पिछले कुछ दिनों की तुलना में 8 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अधिकतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
नीमच जिले में पिछले चार दिनों से छा रहा कोहरा-
नीमच जिले में भी ठंड का असर लगातार बना हुआ है। पिछले चार दिनों से नीमच, जावद और मनासा क्षेत्रों में घना कोहरा छाया हुआ है। गुरुवार को जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई। ठंड और कोहरे का असर केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। कई स्थानों पर दृश्यता मात्र 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से वाहन चलाने को मजबूर होना पड़ा।
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा-
कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाते नजर आए। शीतलहर के चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। बाजारों में भी सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा और देर से दुकानें खुलीं। कोहरे का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिला। भगत की कोठी एक्सप्रेस और इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस दोनों ही मंदसौर करीब 30 मिनट की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आगामी दिनों भी जारी रहेगा ठंड का दौर-
मौसम विभाग के अनुसार जेट स्ट्रीम ने भी ठंड बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। बुधवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 278 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जिससे रात के तापमान में तेज गिरावट आई। गुरुवार को भी तेज जेट स्ट्रीम चलने की संभावना जताई गई थी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जेट स्ट्रीम जमीन से करीब 12 किलोमीटर ऊंचाई पर बहने वाली तेज हवाएं होती हैं, जिनकी गति इस बार 285 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई है। इसका असर उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में ठंड का दौर जारी रहने की संभावना है।
मेवाड़ के चित्तौड़गढ़ में भी सर्द हवाओं का सितम-
इधर, चित्तौड़गढ़ में भी पिछले दो दिनों से ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह से रात तक सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। आसमान में बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल पा रही है, जिससे दिन में भी ठंड और गलन का एहसास बना हुआ है। गुरुवार सुबह चित्तौड़गढ़ में दिन की शुरुआत तेज और ठंडी हवाओं के साथ हुई। हालांकि सुबह कोहरे का असर नहीं दिखा, लेकिन सर्द हवाओं के कारण ठंड अधिक महसूस की गई। पिछले तीन-चार दिनों से आसमान में लगातार बादल छाए रहने से मौसम में नमी और ठंड दोनों बनी हुई हैं।