मुरैना। जिले में बढ़ती सर्दी और शीतलहर को देखते हुए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों के लिए दो दिन का अवकाश घोषित किया गया था। इसके बावजूद अवकाश अवधि में विद्यार्थियों को वन विभाग द्वारा आयोजित अनुभूति कार्यक्रम के तहत जंगल भ्रमण पर ले जाने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार अवकाश के दौरान वन विभाग की टीम द्वारा करीब 120 छात्र-छात्राओं को जंगल भ्रमण के लिए ले जाया गया। इस दल का नेतृत्व रेंजर हिना खान द्वारा किया गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर के आदेश के बावजूद किया गया, जिससे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया जा रहा है।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच विद्यार्थियों को जंगल ले जाने से उनके स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को खुले वातावरण में ले जाना जोखिम भरा हो सकता था।
घटना के बाद यह मामला चर्चा में है और प्रशासनिक स्तर पर संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण की आवश्यकता जताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में किसी भी प्रकार की अनहोनी की सूचना नहीं है, लेकिन छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है।