मंदसौर। निप्र मंदसौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहां की प्रदेश के इंदौर सहित अन्य स्थानों पर भाजपा शासित नगर निगम एवं नगर पालिका, नगर निकायों द्वारा पेयजल वितरण के नाम पर दूषित पानी वितरित किया जा रहा है। इसकी शिकायत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है प्रदूषित जल के कारण आम नागरिकों का स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन खराब होता जा रहा है एवं गंभीर बीमारियों और रोगों के आम नागरिक शिकार हो रहे हैं। सरकार की लापरवाही इन सारे मामलों में उजागर हो रही है प्रदेश सरकार के साथ ही मन्दसौर शहर में भी कुछ स्थानों पर दूषित पानी की समस्या बढ़ती जा रही है, तत्काल स्वतंत्र जांच और स्थाई समाधान की मांग सरकार से की है।
आपने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उपजी भयानक त्रासदी पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुई इस डायरिया/उल्टी महामारी में अब तक स्थानीय निवासियों के अनुसार 17 से 20 से अधिक मौतें हो चुकी हैं (जिनमें मासूम बच्चे, नवजात शिशु और बुजुर्ग शामिल हैं)। सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं, कई आईसीयू में हैं, और हजारों परिवार दुख में डूबे हैं। साथी के नागरिकों को गंभीर बीमारियां इस दूषित पानी पीने के कारण हुई है इसका उजागर हाल ही में प्रदेश के के समाचार पत्रों ने किया है।
हाली के चुनाव में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अलावा सभी भाजपा के पदाधिकारी ने जनता को विश्वास दिलाया था कि हमें बहुमत दिलाओ हम समर्थ सरकार देंगे परंतु जमीनी हकीकत यह है कि ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, राज्य और इंदौर नगर निगम) की निकम्मेपन, भ्रष्टाचार, संवेदनहीनता और लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। प्रारंभिक जांच में सामने आए हैं और सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग इस्तीफा देकर जिम्मेदारी लेने के बजाय अधिकारियों को बचाने में एवं आरोप प्रत्यारोप में लगे हुए हैं।
देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज सीवर मिश्रित जहरीला पानी जनता को पीने को मजबूर कर रहा है। श्हर घर जल योजना अब श्ष्हर घर मलश्युक्त पेयजल,ष् योजना बन चुकी है। पाइपलाइन में लीकेज (जिसमें पब्लिक टॉयलेट के ऊपर पाइपलाइन होने की बात सामने आई), महीनों से आने वाली शिकायतों को नजरअंदाज करना और 2022 में स्वीकृत पाइपलाइन बदलने के ठेके पर काम न होना - ये सब कमीशनखोरी और घोर लापरवाही की ओर इशारा करते हैं।
अपने प्रदेश सरकार कार्यशाली पर प्रमुख तथ्य और भाजपा सरकार से सवालरू किया कि
22 जुलाई 2022 को पुरानी पाइपलाइनों बदलने का ठेका स्वीकृत हुआ था, फिर काम क्यों नहीं हुआ? क्या कमीशन के इंतजार में जानबूझकर देरी की गई? एशियन डेवलपमेंट बैंक से 2003 में इंदौर की जलापूर्ति सुधार के लिए 200 मिलियन डॉलर का ऋण लिया गया था। इस राशि का उपयोग कहाँ हुआ? तत्काल ऑडिट क्यों नहीं? हैजा/डायरिया बैक्टीरिया की पुष्टि पर ॅभ्व् और केंद्र को सूचना क्यों छिपाई गई? पानी और स्टूल सैंपल की जांच हुई या नहीं? महीनों से बदबूदार, गंदा पानी की शिकायतें आने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं? 2025 में ही 266 शिकायतें आईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मन्दसौर शहर में भी जल प्रदूषण और दूषित पानी की गंभीर समस्या है इंदौर की यह त्रासदी प्रदेशव्यापी है। मन्दसौर शहर में भी दूषित पानी की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इंदौर घटना के बाद जिला प्रशासन ने जिले की मंदसौर नगर पालिका सहित नगर परिषदों की बैठक बुलाई और अधिकारियों को शहर का दौरा कर पानी की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए, परंतु जनप्रतिनिधियों ने नगर का दौरा कर एवं जल स्रोत में शुद्ध जल मिल रहा है या नहीं जानने की कोशिश ही नहीं की इसके साथ ही कोई ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं हुई। रामघाट और काला भाटा जैसे मुख्य जल स्रोतों (डैम) की सफाई, पाइपलाइन जांच और टंकियों की नियमित सफाई की बात हुई, लेकिन पुरानी पाइपलाइनों में सीवेज मिश्रण, भूजल स्तर की गिरावट और संभावित फ्लोराइड/नाइट्रेट जैसी दूषितता की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में पानी में बदबू, गंदगी और स्वास्थ्य पर असर की शिकायतें आ रही हैं। भाजपा सरकार ने प्रदेशभर में जलापूर्ति सुधार पर ध्यान नहीं दिया, जिससे मन्दसौर की जनता भी इंदौर जैसी त्रासदी के खतरे में है। भाजपा जनप्रतिनिधियो द्वारा जिले में कर्मचारियों के साथ मारपीट कर जान जानलेवा हमला कर रहे हैं और प्रशासन मौन है। वर्षों से मंदसौर की जनता ने भाजपा पर भरोसा कर नगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी दे रखी है। परंतु जिम्मेदार निर्वाचित जनप्रतिनिधियो पर आरोप -प्रत्यारोप लग रहे हैं और आम जनता परेशान हो रही है?
कांग्रेस की मांगें-
प्रधानमंत्री कार्यालय से तत्काल जांच हो।
सुप्रीम कोर्ट या एशियन डेवलपमेंट बैंक स्तर की स्वतंत्र जांच।
दोषी अधिकारियों/नेताओं पर हत्या का केस दर्ज हो।
प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा, मुफ्त इलाज और पुनर्वास।
पूरे प्रदेश (मन्दसौर शहर सहित) में जलापूर्ति का तुरंत ऑडिट, पुरानी पाइपलाइनों का बदलाव और शुद्ध पानी सुनिश्चित।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि सारी घटनाओं को लेकर जिला कांग्रेस द्वारा मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आगामी दिनांक 11 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक तक प्रदेश स्तरीय न्याय यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय नेता, प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।
मन्दसौर जिले से भी इस मुद्दे पर बड़ी संख्या में कांग्रेसजन इंदौर में आयोजित प्रदेश स्तरीय न्याय यात्रा में शामिल होकर सड़कों पर उतरेंगे। हम इंदौर और मन्दसौर दोनों की जनता के संघर्ष में एकजुट होकर सड़कों पर संघर्ष करेंगे।