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January 9, 2026, 6:15 pm
KHABAR : आदिमानव बने किसान, मुआवजा न मिलने पर अर्धनग्न होकर शरीर पर पत्ते लपेटकर किया प्रदर्शन, कहा- हमें जंगल भेजने की फिराक में, कांग्रेस ने उठाए सवाल, पढे़ खबर

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बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में किसानों की जमीन पांगरी डेम परियोजना में डूब क्षेत्र में जा रही है। आरोप है कि उन्हें इसका उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। जिसे लेकर वह बीते 3 सालों से आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज किसानों ने आदिमानव बनकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अर्धनग्न होकर शरीर पर पत्ते लपेटे और कहा कि सरकार उन्हें जंगल भेजने की फिराक में है। 


भैंस की बीन बजाकर कर चुके हैं प्रदर्शन
किसानों की मांग है कि उन्हें भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में दोगुना मुआवजा और पोषण का अधिकार मिलना चाहिए। इसी को लेकर सरकार और किसान आमने-सामने हैं। इस अनोखे प्रदर्शन में उन्होंने केले के पत्ते कमर में लपेटे और सिर पर सागवान के पत्ते बांधकर दोगुना मुआवजे की बात रखी। बता दें कि उन्होंने पहले भैंस के आगे बीन बजाकर आंदोलन किया था। 


कांग्रेस ने उठाए सवाल
इस प्रदर्शन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘प्रदेश के अन्नदाता भाजपा के तथाकथित सुशासन में अर्धनग्न होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं,और  कृषि मंत्री बंगले में आराम फरमा रहे हैं। यह दृश्य सत्ता की संवेदनहीनता और किसान-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।’


उमंग सिंघार ने कहा- किसानों को आदिमानव जैसा जीवन जीने पर मजबूर करना स्वीकार्य नहीं
उन्होंने आगे लिखा, ‘बुरहानपुर की पांगरी बांध परियोजना से प्रभावित किसान पिछले दो वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दोगुना मुआवजा और समुचित पुनर्वास उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे Right to Life with Dignity कहा जाता है। न्यूनतम मुआवजा थोपकर किसानों को आदिमानव जैसा जीवन जीने पर मजबूर करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यदि सरकार का यही रवैया जारी रहा तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कृषि मंत्री बंगले से बाहर निकलकर देखें किसान न्याय और सम्मान की गुहार लगा रहे हैं।’

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