BREAKING NEWS
KHABAR : मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के शुभारंभ.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : खनियांधाना में मुख्यमंत्री जन-विश्वास.. <<     NEWS : राजस्थान की बड़ीसादड़ी पुलिस और अवैध मादक.. <<     KHABAR : तहसीलदार के नेतृत्व में सीएम जन विश्वास.. <<     BIG NEWS : खाकी ने किया दिनदहाड़े हुई चोरी का खुलासा,.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने ढाकनी स्कूल में परखी पढ़ाई की.. <<     KHABAR : आस्था की राह हुई आसान, नीमच से खाटू श्याम.. <<     KHABAR : वर्षों से खाली पड़े बेशकीमती भूखंड पर नगर.. <<     NEWS : लोन फोरक्लोजर रिपोर्ट को लेकर विवाद,.. <<     NEWS : उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को उपचार.. <<     BIG REPORT : नीमच में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, जब.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राजनगर में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान.. <<     KHABAR : कलेक्टर ने आंगनवाड़ी में परखी शाला पूर्व.. <<     NEWS : खुले बिजली तार और असुरक्षित ट्रांसफार्मर.. <<     KHABAR : सोनकच्छ बाल वाटिका में पहुंचे.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 10, 2026, 2:45 pm
KHABAR : नर्सिंग फैकल्टी भर्ती पर जबलपुर हाईकोर्ट की सख्ती, 67 याचिकाकर्ताओं ने दी चुनौती, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब, पढे़ खबर 

Share On:-

जबलपुर। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (इएसबी) भोपाल द्वारा जारी नर्सिंग फैकल्टी भर्ती अधिसूचना को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि यह अधिसूचना वर्ष 2024 की राजपत्र (गजट) अधिसूचना के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जारी की गई है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों के साथ अन्याय हुआ है।


मामले की सुनवाई एकलपीठ न्यायमूर्ति विशाल धगत के समक्ष हुई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।


अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित भर्ती प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इससे चयन मंडल द्वारा की जा रही नर्सिंग फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया पर न्यायिक निगरानी स्थापित हो गई है।


गजट अधिसूचना के उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और अंशुल तिवारी ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2024 की गजट अधिसूचना के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने थे, लेकिन चयन मंडल ने 40 पदों को सीधी भर्ती के तहत विज्ञापित कर दिया।


इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए तय 60 प्रतिशत पदोन्नति और 40 प्रतिशत सीधी भर्ती की व्यवस्था को भी दरकिनार करते हुए सभी पदों को सीधी भर्ती से भरने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया।


फैकल्टी संकट में लिया गया काम, अब अनदेखी
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सीबीआई जांच के बाद विभाग में गंभीर फैकल्टी संकट उत्पन्न हो गया था। उस समय शासन ने इन्हीं योग्य और अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों को अस्थायी प्रभार देकर वर्षों तक असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदों पर कार्य कराया। इसके बावजूद न तो उन्हें पदोन्नत किया गया और न ही नियमित किया गया। अब सीधी भर्ती निकालकर उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।


67 नर्सिंग ऑफिसरों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती
यह याचिका मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर की गई है, जिसमें 67 नर्सिंग ऑफिसर शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनके पास 10 से 25 वर्षों तक का अनुभव है और वे लंबे समय से संबंधित पदों पर अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE