नीमच। जिले में जनवरी की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। शनिवार को जिले के कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाने से दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर मात्र 10 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क पर चल रहे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि दिन में भी वाहनों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा।
नीमच शहर के साथ-साथ जावद, मनासा, जीरन, सिंगोली और रतनगढ़ क्षेत्रों में सुबह 9 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही और आवागमन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर यातायात जाम जैसी स्थिति भी देखने को मिली।
कड़ाके की ठंड के चलते शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड का असर आमजन के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी साफ नजर आया। बाजारों में सुबह की चहल-पहल लगभग नदारद रही, जबकि लोग ठिठुरन से बचने के लिए घरों में दुबके रहे और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने का प्रयास करते दिखाई दिए।
खेल मैदानों और खुले स्थानों पर भी गतिविधियां सीमित हो गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को ठंड और कोहरे के कारण अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है। फिलहाल घने कोहरे और शीतलहर से राहत मिलने के आसार नहीं हैं, जिससे आमजन की मुश्किलें और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने वाहन चालकों से सतर्कता बरतने और कोहरे के दौरान सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।