मंदसौर। शहर सहित पूरे अंचल में इन दिनों भीषण शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। शनिवार रात मंदसौर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो रविवार सुबह गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस रह गया। सुबह 11 बजे तक धूप नहीं निकल सकी और पूरा शहर ओस की चादर में लिपटा रहा।
सुबह और रात के समय घने कोहरे के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। ठंड से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाकर राहत लेते नजर आए। कोहरे के चलते रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। भगत की कोठी एक्सप्रेस करीब 35 मिनट की देरी से मंदसौर पहुंची, जबकि इंदौरदृजोधपुर एक्सप्रेस लगभग 47 मिनट विलंब से पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शीतलहर के चलते स्कूलों में अवकाश
शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंदसौर में नर्सरी से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए 13 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है। वहीं कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाएं सुबह 10 बजे से संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में सर्दी का सबसे अधिक असर मालवा और निमाड़ अंचल में देखा जा रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के कुल 15 जिले शीतलहर की चपेट में हैं।
पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले दो दिनों तक कोहरे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरी भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंड और बढ़ेगी तथा तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 252 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है, जिससे कड़ाके की ठंड बनी हुई है।