झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ जल पेयजल उपलब्ध करवाना नगरीय निकायों का दायित्व है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में स्वच्छ जलप्रदाय सुनिश्चित किया जाए। पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवास्था करें। किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल स्पलाई न हो। यह बड़ी चुनौती है लेकिन गंभीरता से सामना करें जिससे देश में एक आदर्श प्रस्तुत हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की शाम सागर जिले के प्रवास से लौटने के बाद राज्य विमानतल के सभा कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रांतव्यापी स्वच्छ जल अभियान का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी लोगों को शुद्ध पेयजल हेतु बेहतर प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध है।जनप्रतिनिधि और अधिकारी सभी मिलकर अपने दायित्व का कुशल निर्वहन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में स्वच्छ जल अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। जो दो चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी और द्वितीय चरण एक मार्च से 31 मार्च के मध्य संचालित होगा। आम नागरिकों की पेयजल समस्या के लिये जल सुनवाई की भी व्यवस्था रखी गई है। अधिकारी जल सुनवाई को गंभीरता से लें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां कहीं पाइपलाइन में लीकेज हैं उन्हें सुधारते हुए आम जनता को स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाएं। इस कार्य में नगरीय निकाय विभाग द्वारा एप का उपयोग प्रारंभ किया जाना सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि स्वच्छ पेयजल प्रदाय के कार्य में ढिलाई बरते जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।