चित्तौड़गढ़। घुमंतु समुदाय (विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु) के व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिले के समस्त ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 12 जनवरी से 31 जनवरी तक घुमंतु पहचान पत्र सहायता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में घुमंतु समुदाय के पात्र व्यक्तियों के ऑनलाइन पहचान प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि घुमंतु पहचान प्रमाण पत्र जारी होने से समुदाय के लोगों को राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इस संबंध में सभी उपखण्ड अधिकारियों (एसडीओ), विकास अधिकारियों (बीडीओ) एवं अधिशाषी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कलक्टर ने निर्देश दिए कि शिविरों के दौरान घुमंतु समुदाय के व्यक्तियों के आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा संबंधित आवेदन मौके पर ही प्राप्त किए जाएं।
इसके लिए प्रत्येक पंचायत समिति एवं शहरी क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार 2 से 5 ग्राम पंचायतों अथवा वार्डों का क्लस्टर बनाकर शिविर आयोजित किए जाएंगे। समन्वय के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारी को प्रभारी अधिकारी तथा विकास अधिकारी/अधिशाषी अधिकारी को सहायक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रत्येक शिविर में दो ई-मित्र संचालकों की तैनाती के भी निर्देश दिए गए हैं।