उज्जैन। न्यू ईयर के दौरान और आगामी मकर संक्रांति, 26 जनवरी एवं वसंत पंचमी जैसे पर्वों को देखते हुए कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महाकाल बाबा के सेनापति के रूप में स्थापित बाबा कालभैरव के दर्शन को लेकर मंदिर में लगातार बड़ी संख्या में भीड़ देखी जा रही है।
इस मामले में एसडीएम एल एन गर्ग ने बताया की इसी भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोगों द्वारा श्रद्धालुओं से शीघ्र दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप है कि बाहर से दर्शन कराने के ₹500 और अंदर प्रवेश के नाम पर ₹1000 तक लिए जा रहे थे, जिससे कई श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति भी बनी।
श्रद्धालुओं की शिकायत पर पुलिस और मंदिर समिति ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए स्टिंग ऑपरेशन जैसी रणनीति अपनाई। इस दौरान बातचीत में आरोपियों द्वारा पैसे मांगने की पुष्टि हुई, जिसके बाद 9 आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
मामले में एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर सभी आरोपियों को धारा 151 के तहत कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के लिए जेल भेज दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी मंदिर कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की लगातार जांच और पूछताछ जारी रहेगी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में दीपक वर्मा, लखन भभूतिया, कुंदन चौधरी, हर्ष उर्फ भोला, मुकेश चौधरी, विनय पटेल, विकास चौधरी, गगन माली और लखन मालवीय शामिल हैं।
प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था सुधार के लिए लगभग 200 से 250 स्थायी बैरिकेड्स मंदिर समिति और पीडब्ल्यूडी के माध्यम से लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन मिल सकें।
पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधि दोहराई गई तो आरोपियों पर एफआईआर सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी और मंदिर परिसर में उनका प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।