शाजापुर। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंदौर में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। हालात आज भी बेहद गंभीर बने हुए हैं।
वर्मा ने आरोप लगाया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में आज भी लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। टैंकरों के जरिए जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह भी गंदा है। कई बोरिंग बंद कर दिए गए हैं और पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिससे जल संकट और गहरा गया है।
उन्होंने कहा कि इंदौर में महापौर, विधायक, सांसद, राज्य सरकार और केंद्र सरकार सभी भाजपा की हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। केवल एक अधिकारी का तबादला कर देना 23 लोगों की मौत का न्याय नहीं हो सकता।
पूर्व मंत्री ने मांग की कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियोंकृपुराने कमिश्नर, नए कमिश्नर और पेयजल विभाग के जिम्मेदार अफसरोंकृपर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि आज भी भागीरथपुरा से लोग पलायन कर रहे हैं, जो प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने न्याय यात्रा निकाली, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। यह यात्रा मानवता की सेवा के लिए थी और आने वाले समय में इसका असर जरूर दिखाई देगा।