नीमच। इंदौर के भागीरथपुरा में हुई भयावह घटना के बाद नीमच प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता न हो, इसे लेकर नगर पालिका प्रशासन ने पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सख्त अभियान शुरू किया है। विशेष रूप से वॉटर कैन के माध्यम से सप्लाई किए जा रहे पानी की कड़ी निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में नगर पालिका के जलकल विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्वालटोली नई आबादी, वार्ड क्रमांक 9 स्थित ‘एक्वा सिप चिल्ड वाटर’ तथा ग्वालटोली के बर्रूखेड़ा रोड स्थित ‘शिवाना वाटर प्लांट’ को सील कर दिया। जांच के दौरान दोनों प्लांटों से सप्लाई किए जा रहे पानी में बैक्टीरिया पाए जाने और बदबू आने की शिकायत सही पाई गई।

जांच में सामने आया कि इन प्लांटों से वॉटर कैन के माध्यम से घरों और दुकानों तक पहुंचाया जा रहा पानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था, जो सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

शिकायत मिलते ही नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना देरी किए दोनों प्लांटों को सील कर दिया। एक्वा सिप चिल्ड वाटर के संचालक देवीलाल चौधरी और शिवाना वाटर प्लांट के संचालक महेंद्र सिंह को निर्देश दिए गए हैं कि जब तक पानी की सैंपल रिपोर्ट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं आती, तब तक प्लांट संचालित नहीं किए जाएंगे और न ही पानी की सप्लाई की अनुमति दी जाएगी।

नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दूषित पेयजल की सप्लाई करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जनस्वास्थ्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
