प्रतापगढ़। नगर परिषद प्रतापगढ़ में वर्ष 2018 में की गई सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर प्राप्त शिकायतों के बाद की गई जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या की अध्यक्षता में गठित जांच समिति द्वारा भर्ती से संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई।
जांच समिति ने नगर परिषद से तत्कालीन भर्ती किए गए सफाई कर्मियों की संपूर्ण पत्रावलियां मंगवाकर संलग्न दस्तावेजों की गहन पड़ताल की, जिसमें कई गंभीर कमियां पाई गईं।
अनुभव प्रमाण पत्रों में गड़बड़ियां-
जांच में सामने आया कि अधिकांश सफाई कर्मियों के अनुभव प्रमाण पत्र कुछ चिन्हित फर्मों द्वारा जारी किए गए हैं, जिनका कोई स्थायी पता दर्ज नहीं है। कई प्रमाण पत्र एक ही समयावधि में तैयार किए गए, जबकि इनमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि संबंधित अवधि में अभ्यर्थियों ने किस स्थान पर और किस प्रकार का कार्य किया।
अन्य दस्तावेजों में भी पाई गई खामियां-
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ आवेदकों के चरित्र प्रमाण पत्र छह माह की वैध अवधि के नहीं होकर वर्ष 2012 में जारी पाए गए। कई अभ्यर्थियों के पास विशेष मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद उनके आवेदन स्वीकार किए गए। संतान संबंधी शपथ पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुरूप नहीं पाए गए।
नोटिस जारी कर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण-
अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या ने बताया कि जिन सफाई कर्मियों के दस्तावेजों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। प्राप्त जवाबों के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में नगर परिषद प्रतापगढ़ में लॉटरी पद्धति से कुल 33 सफाई कर्मियों की भर्ती की गई थी, जिनमें से एक सफाई कर्मी के विरुद्ध शिकायत सही पाए जाने पर पहले ही निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है।
आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का मामला भी उजागर-
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अभ्यर्थियों ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड को छुपाकर पुलिस चरित्र सत्यापन प्रस्तुत किया। विशेष रूप से अनिकेत राठौर नामक अभ्यर्थी द्वारा अपने पैतृक निवास जावद (मध्यप्रदेश) में दर्ज आपराधिक प्रकरण को नियुक्ति के समय छुपाया गया।
सफाई कर्मचारी अनिकेत राठौर द्वारा पद की गरिमा के विपरीत सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो पोस्ट करने जैसी गतिविधियों के चलते उसके विरुद्ध पूर्व में ही विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई प्रस्तावित कर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने वाली फर्मों की भी जांच-
जांच के दायरे में उन संस्थाओं एवं फर्मों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने सफाई कर्मियों के अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए थे। इन फर्मों की भूमिका की भी अलग से जांच के आदेश दिए गए हैं।