नीमच। तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर अब असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, जिला नीमच द्वारा अपनी 11 सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर कलेक्टर नीमच के नाम ज्ञापन सौंपा गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी इस दौरान एकत्रित हुए और शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार पंवार ने कहा कि तृतीय वर्ग कर्मचारी शासन की रीढ़ हैं, जो जमीनी स्तर पर योजनाओं का ईमानदारी एवं निष्ठा से क्रियान्वयन करते हैं, बावजूद इसके उनकी मांगें वर्षों से लंबित हैं। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष और निराशा व्याप्त है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से केंद्र शासन के समान महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान करने, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा नवनियुक्त कर्मचारियों को आंशिक वेतन देने संबंधी आदेशों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
कर्मचारी संघ ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को अव्यावहारिक बताते हुए उस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। साथ ही अनुकंपा नियुक्ति एवं चतुर्थ श्रेणी से पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
संघ ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर समस्त सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलने को गंभीर लापरवाही बताते हुए इस पर शीघ्र सुधार की आवश्यकता जताई। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शासन द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।