खरगोन। शहर के बाजारों और सोशल मीडिया पर टंट्या मामा मूर्ति कांड चर्चा का विषय बना हुआ है। मूर्ति की गुणवत्ता और सामग्री को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या मूर्ति धातु या पत्थर की होनी चाहिए थी। इस मामले में लाखों रुपए के खेल की आशंका जताई जा रही है।
कांग्रेस कमिटी के सदस्यों ने कलेक्टर खरगोन से शिकायत की, जिसके बाद नगर पालिका परिषद (पीआईसी) की बैठक में यह मुद्दा उठाया गया। बैठक में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया और दो इंजीनियरों को नोटिस जारी किए गए।
बैठक के बाद नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी ने मीडिया से चर्चा में बताया कि ठेकेदार की गलती के कारण मूर्ति फाइबर मटेरियल की लगाई गई थी। इसके स्थान पर अब धातु की नई मूर्ति लगाई जाएगी। नगर पालिका अधिकारी कमला कौल ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया और उन्हें आगामी जांच के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि टेंडर में मूर्ति संगमरमर की खरीद का आदेश था, लेकिन ठेकेदार की गलती से फाइबर की मूर्ति लग गई, जिसे ठेकेदार ने स्वीकार किया और माफी मांगी।
कांग्रेस ने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक ने बताया कि टंट्या मामा मूर्ति क्रय में हुई धांधली को न केवल प्रशासनिक अपमान बल्कि टंट्या मामा के सम्मान का भी अपमान माना जाएगा। कांग्रेस ने 16 जनवरी को टंट्या मामा तिराहे पर धरना देने की घोषणा की है, यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई।