नीमच। संभाग आयुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन आशीष सिंह ने नीमच जिले के प्रवास दौरान शुक्रवार को मनासा पहुंचकर, वार्ड नंबर 2 में जीबीएस के संदिग्ध रोगी इंदौर में उपचाररत निधि भाटी के घर पहुंच कर, परिजनों से चर्चा कर, उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से पेयजल की आपूर्ति पेयजल भंडारण पेयजल की गुणवत्ता आदि के बारे में पूछा। इस मौके पर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आर.के.खद्योत, डॉ.रितेश बजाज उपसंचालक स्वास्थ्य डॉ.संजय कुमरावत, एसडीएम किरण आंजना सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
संभाग आयुक्त सिह ने जिला प्रशासन द्वारा घर-घर सर्वे कर, संदिग्ध जीबीएस रोगियों की स्क्रीनिंग एवं चिन्हाकन के लिए तैनात की गई टीम द्वारा किए जा रहे स्क्रीनिंग कार्य का जायजा भी लिया। कमिश्नर आशीष सिंह ने सर्वे कर रही टीम के सदस्यों से चर्चा कर सर्वे कार्य की प्रगति की जानकारी ली। अब तक मनासा के सभी वार्डों में 2200 से अधिक घरों में जाकर सर्वे टीम द्वारा स्क्रीनिंग कार्य किया गया है। स्क्रीनिंग का कार्य 15 टीमों द्वारा किया जा रहा है। संभाग आयुक्त ने बीएमओ को निर्देश दिए की वह प्रतिदिन शाम को सर्वे टीम के सदस्यों से चर्चा कर प्रतिदिन के स्क्रीनिंग कार्य का फीडबैक ले और उनकी नियमित ब्रीफिंग करें। संभाग आयुक्त ने वार्ड वासियों से भी चर्चा कर, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
इसके पहले संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने डाक बंगला मनासा पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डब्ल्यूएचओ के चिकित्सक की टीम एवं भोपाल तथा उज्जैन से आए चिकित्सकों से चर्चा कर मनासा में किया जा रहे स्क्रीनिंग कार्य एवं अभी तक रिपोर्टेड संदिग्ध मरीजों की उपचार की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली।