कालापीपल। शुक्र वार को सरस्वती शिशु मंदिर, कालापीपल में प्राचार्य/सचिव कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यशाला में शाजापुर जिले से 28 प्राचार्य एवं सचिव महोदयों ने सहभागिता की। अतिथि परिचय विद्यालय के प्राचार्य प्रवीण देशपांडे ने कराया सभी सहभागियों ने अपने-अपने विद्यालयों की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें विद्यालय के भौतिक संसाधन, शैक्षणिक विकास, शैक्षिक संसाधनों का विकास, भवन निर्माण, शिशु वाटिका के 12 आयामों का विकास प्रमुख रूप से शामिल रहा।
कार्यशाला में अर्धवार्षिक परीक्षा की त्वरित समीक्षा, प्री-बोर्ड परीक्षा के परिणामों में सुधार, तथा प्रावीण्य सूची में विद्यालयों की सहभागिता बढ़ाने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र की विस्तृत योजना तैयार की गई, जिसमें छात्र संख्या वृद्धि के लक्ष्य निर्धारित किए गए। आगामी कार्यक्रमों के अंतर्गत 23 जनवरी को आयोजित होने वाले बसंत पंचमी उत्सव एवं पथ संचलन की पूर्व योजना भी बनाई गई।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मालवा के अध्यक्ष एवं मध्य क्षेत्र के सह मंत्री प्रकाश धनगर ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि हम सभी विद्या भारती स्वयंसेवी संगठन के स्वप्रेरित कार्यकर्ता हैं। अतः हमें यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसी कार्य को क्यों, कब, कैसे और क्या करना है। कार्य का विकेंद्रीकरण, दिशादृदशा की स्पष्ट समझ तथा परस्पर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सचिव और प्राचार्य विद्यालय रूपी गाड़ी के दो पहिए हैंकृदोनों का सामंजस्य अनिवार्य है। हम नाम या सम्मान के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए योग्य नागरिक निर्माण के उद्देश्य से कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में मंगलाज प्राचार्य देवेंद्र तिवारी ने शाजापुर विभाग के विभाग समन्वयक सुरेंद्र जोशी द्वारा विभाग में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की तथा सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस समय विद्यालय के प्रधानाचार्य सुभाष काले उपस्थित थे।