खनियांधाना। तीर्थाेदय क्षेत्र गोलाकोट महोत्सव के ऐतिहासिक पंचकल्याणक महोत्सव समापन के उपरांत, निर्यापक श्रमण मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का खनियांधाना नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। मुनि संघ ने सुबह लगभग 6ः30 बजे गोलाकोट से विहार किया, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने निजी वाहनों और बसों से पहुंचे। इस विहार में नन्हे-मुन्ने बच्चों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था, जो गुरुवर के साथ पदविहार कर रहे थे।
जैसे ही मुनि संघ ने नगर की सीमा में प्रवेश किया, पूरा वातावरण गुरु भक्ति के रंग में सराबोर हो गया। मुनिश्री के आगमन पर निकाले गए भव्य जुलूस का दृश्य अत्यंत मनमोहक था। जुलूस में सबसे आगे खनियांधाना बालिका मंडल की सदस्याएं स्कूटी पर सवार होकर चल रही थीं, जिनके पीछे श्जिन शासन रेजिमेंटश् और फिर श्जिन शासन प्रभावना समूहश् की महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर चल रही थीं। इसके पश्चात महिला समिति खनियांधाना और दिव्य घोष की मधुर ध्वनियों के साथ ढोल, बैंड-बाजे और डीजे की गूँज ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल मुनिश्री के स्वागत के लिए पूरे खनियांधाना को दुल्हन की तरह सजाया गया था और मार्ग में आकर्षक रंगोलियां उकेरी गई थीं। विशेष बात यह रही कि गुरुवर के स्वागत में केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि सर्वसमाज के लोग भी उमड़ पड़े। नगर के अन्य समाज के नागरिकों ने भी जगह-जगह गुरुवर के चरणों को पखारा, उन पर पुष्प वर्षा की और श्रद्धापूर्वक झुककर आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्ति का यह दृश्य देख ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा नगर ही गुरु चरणों में समर्पित हो गया हो।
भव्य नगर भ्रमण के पश्चात मुनि संघ पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर पहुँचा, जहाँ मुनिश्री के मुखारविंद से प्रवचनों की अमृत वर्षा हुई। गुरुवर के आगमन से खनियांधाना में आगामी पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियाँ अब और भी तेज हो गई हैं और समस्त नगरवासियों में इस उत्सव को लेकर भारी हर्ष व्याप्त है।