बड़वानी। वन मंडल धार अंतर्गत दिनांक 05 फरवरी 2026 को ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई कि एक पेड़ पर शावक चढ़े हुए हैं। सूचना मिलते ही वन मंडल अधिकारी धार विजय आनंदम टी.आर. के मार्गदर्शन में वन विभाग का रेस्क्यू दल तत्काल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया गया।
मौके पर जांच के दौरान दो शावकों की पुष्टि हुई। भीड़ हटने के बाद एक शावक जंगल की ओर भाग गया, जबकि दूसरा शावक, जिसकी उम्र लगभग 5दृ6 माह बताई गई, नीचे उतरते समय गिर गया और घायल अवस्था में पाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शावक को कुत्तों द्वारा घायल किया गया था।
कुक्षी से बड़वानी और फिर महू तक उपचार
रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से घायल शावक को तत्काल कुक्षी रेंजर कार्यालय लाया गया, जहां वेटनरी डॉक्टरों की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद डॉ. रीना द्वारा शावक को जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया।
बड़वानी में डॉ. महेंद्र बघेल द्वारा परीक्षण के उपरांत शावक की स्थिति गंभीर बताई गई और उसे तत्काल महू वेटरनरी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। डीएफओ धार द्वारा मुख्यालय भोपाल से विशेष अनुमति प्राप्त कर शावक को महू भेजा गया।
रातभर चली सर्जरी, गंभीर चोटें
महू वेटरनरी अस्पताल में डॉ. परिहार एवं उनकी टीम द्वारा रात 12 बजे से 3 बजे तक घायल शावक की सर्जरी एवं आवश्यक उपचार किया गया। इसके बाद शावक को लगभग 15 घंटे तक विशेष निगरानी में रखा गया। जांच में शावक को गले, पसलियों और पिछले पैरों में गंभीर चोटें पाई गईं।
चिकित्सकों द्वारा आगामी 10 दिनों तक विशेष चिकित्सकीय एवं विभागीय निगरानी की सलाह दी गई।
वन विहार भोपाल भेजा गया शावक
उपचार एवं प्रारंभिक निगरानी के बाद घायल शावक को विशेष वाहन से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल भेजा गया, जहां अब विशेषज्ञों की निगरानी में उसकी आगे की देखभाल की जाएगी।
डीएफओ धार के निर्देशन में सूचना प्राप्त होने के मात्र 40 घंटे के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर शावक को सुरक्षित वन विहार भोपाल पहुंचाया गया।
टीम का सराहनीय योगदान
इस संपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. शैलेन्द्र सोलांकी, रेंजर कुक्षी द्वारा किया गया। साथ ही वन स्टाफ राकेश तांवर, अल्पेन्द्र जाधव, कपिल गोस्वामी (वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट) एवं वाहन चालकों द्वारा उल्लेखनीय योगदान दिया गया।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र के वन एवं राजस्व इलाकों में सघन गश्त की जा रही है। साथ ही आमजन को सतर्क रहने, वन्यप्राणियों से दूरी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की सलाह दी गई है।