नीमच। शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर उठ रही शिकायतों और जनहित को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। जिला एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तथा लोक उपयोगी सेवा एवं स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार शर्मा ने पानी की शुद्धता की निरंतर जांच, सैंपल कलेक्शन और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है।
न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस कमेटी के अध्यक्ष सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीमच को बनाया गया है। कमेटी में एडवोकेट महेश पाटीदार, सिविल सर्जन नीमच, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता तथा सामाजिक कार्यकर्ता राजमल व्यास को सदस्य के रूप में नामांकित किया गया है।
न्यायालय के निर्देशानुसार यह कमेटी 7 दिवस के भीतर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पेयजल के सैंपल एकत्रित कराएगी। इसके साथ ही पानी की शुद्धता के मापदंड, जांच की प्रक्रिया और गुणवत्ता से संबंधित समस्त पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद कमेटी अपनी विस्तृत और संपूर्ण रिपोर्ट जिला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
बताया गया है कि यह कार्रवाई लोक जन उपयोगी प्रकरण क्रमांक 01/2026 में पारित आदेश के पालन में की जा रही है। लगातार मिल रही शिकायतों और आमजन के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर विषय को देखते हुए न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पानी की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस आदेश के बाद शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि पेयजल की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यदि कहीं लापरवाही पाई गई तो संबंधित विभागों पर आवश्यक कार्रवाई भी हो सकती है।