BREAKING NEWS
NEWS : चित्तौड़गढ़ जेल वायरल वीडियो केस में बड़ा.. <<     NEWS : मित्रता दिवस पर लायंस क्लब ने बढ़ाया दोस्ती.. <<     KHABAR : मित्रता दिवस के उपलक्ष पर इनरव्हील क्लब.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : क्षेत्र में विकास कार्यों को मिल रही गति,.. <<     REPORT : सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ में 31.01 करोड़ की विकास परियोजनाओं.. <<     NEWS : बजट घोषणा 2026-27 चित्तौड़गढ़ जिले में 48.16 करोड़.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : वार्ड 9 से 17 के लिए गुरुवार को लगेंगे.. <<     BIG NEWS : नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण के लिए.. <<     KHABAR : ग्रामीण बोले- मजदूरी करें या बच्चों को.. <<     KHABAR : 7 अगस्त से प्रस्तावित बस हड़ताल टली, सरकार.. <<     REPORT : नीमच में आजादी के जश्न की भव्य तैयारी,.. <<     KHABAR : मनासा में बाल सुरक्षा अभियान, 500 छात्राओं.. <<     BIG NEWS : मैदान बचाओ आंदोलन ने पकड़ा जोर, नीमच में.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
February 11, 2026, 10:39 am
KHABAR : पीएम आवास पर अफसरशाही का ताला, बैगा आदिवासियों का हक काग़ज़ों में कैद, टूटी झोपड़ियों में गुजर रही ज़िंदगी, मौत से पहले पीएम आवास का इंतजार करते बैगा संरक्षित प्रजाति, पढे़ दिपक कुमार गर्ग की खबर 

Share On:-

शहडोल। हर इंसान का सपना होता है कि उसके सिर पर एक पक्की छत हो३ लेकिन शहडोल संभाग के अनूपपुर जिले में रहने वाले बैगा आदिवासियों के लिए यह सपना आज भी अधूरा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जो गरीब और वंचितों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए शुरू की गई थी, वही योजना यहां अफसरशाही की फाइलों में कैद नजर आ रही है। बरगंवा अमलाई नगर परिषद क्षेत्र से आई ये तस्वीरें सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।


बरगंवा अमलाई नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 5 में बड़ी संख्या में बैगा परिवार रहते हैं। कच्ची, जर्जर झोपड़ियों में रहने को मजबूर ये परिवार बारिश, गर्मी और ठंड से रोज जूझ रहे हैं। इन्हीं में राम प्रसाद बैगा हैं, जो अपनी बुजुर्ग मां के साथ सालों से पीएम आवास की आस लगाए बैठे हैं, राम प्रसाद बैगा, जो अपनी बुजुर्ग मां के साथ एक टूटी-फूटी झोपड़ी में रहते हैं। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले राम प्रसाद वर्षों से पीएम आवास के लिए आवेदन कर रहे हैं, लेकिन नगर परिषद से लेकर जिला मुख्यालय से लेकर संभागीय मुख्याल तक चक्कर काटने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। उनकी मां की आंखों में आज भी एक ही सपना है। मरने से पहले अपने सिर पर एक पक्की छत देखना, दर्दनाक पहलू यह है कि स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में ऐसे प्रभावशाली लोगों को पीएम आवास का लाभ मिल गया है, जिनके पास पहले से पक्के मकान, गाड़ियां और संसाधन मौजूद हैं, जबकि वास्तविक हकदार बैगा परिवार आज भी दर-दर भटक रहे हैं। बैगा समाज के लोग अब संभागीय मुख्यालय तक गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अफसरशाही की चुप्पी उनकी उम्मीदों को तोड़ती जा रही है।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों को आवास मिल गया, जबकि असली हकदार आज भी दर-दर भटक रहे हैं। अब सवाल यही है। क्या बैगा परिवारों को उनका हक मिलेगा या उम्मीदें यूं ही दम तोड़ती रहेंगी। 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE