मुरैना। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी मंगलवार को मुरैना अपने एक दिवसीय प्रवास पर पहुँचे। वे हेलीकाप्टर से यहां आये थे। इस दौरान उन्होंने हेलीपेड पर ही मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मुरैना एक पौराणिक नगरीय है यहां भगवान ने रास किया है, मोर नृत्य करतीं थी यहां आकर अभिभूत हु। उन्होंने हिन्दू राष्ट्र के सवाल पर कहा कि ये हिंदुस्तान है, यहां का हर व्यक्ति हिंदुस्तानी है। जैसे अमेरिका के अमेरिकन है व अन्य देशों के लोग वहां के नागरिक है। उन्होंने लोकसभा में राहुल गांधी के सरकार और राजनीतक हमले किये जाने के सवाल पर कहा कि ये देश ही हिंदुस्तान है, सभी हिन्दुस्तानी है। सभी जातियों का सम्मान है। जो एकता के गीत गाएगा, जो समन्यवय के गीत गाएगा वो आगे बढ़ेगा। उसी का विकास होगा।
अवधेशानंद गिरी महाराज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि .....
यूजीसी पर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है। सरकार भी चाहती है उसमें संसोधन हो। संभवतरू शीघ्र ही उसमें संसोधन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। भारत सरकार प्रतिबद्ध है भारतीय संस्कृति व सनातन के लिए। पिछले दिनों में अप्रत्याशित अकाल्पनिक कार्य हुए है। धारा 370 हटना, कश्मीर के लालचौक पर तिरंगा नहीं फहराया जा सकता था, लेकिन डल झील में 10 हजार तिरंगा लेकर ोलोग निकले, अकेले पांच हजार बहनों ने तिरंगा फहराया। आज भारत की सामरिक सामर्थ, आर्थिक समार्थ में गिना जाता है। आज भारत चौथी अर्थ व्यवस्था में गिना जाता है। आगामी तीन चार महीनों में तीसरी हो जाएगी। पूरे संसार के अर्थशास्त्री कह रहे हैं। हम रसिया से आगे होंगें। एक और बात कहूं, भयमुक्त एक सहज वातावरण बना है, कहीं भी बलवा या साम्प्रदायिक तनाव नहीं हुआ है। तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं आदर किया है। डिजीटल क्रांति आई है, यूपीआई जैसी व्यवस्था विदेशों में नहीं है। फ्रांस कहता है हमारे यहां यूपीआइ जैसी व्यवस्था कैसे आएगी। सिंगापुर आइटी हब है, बड़ा बंदरगाह है वहां ऐसी व्यवस्था नहीं है। मै कोई सरकार का प्रवक्ता नहीं हूं, लेकिन कह सकता है हूं भारत सरकार समरता को लेकर आई है। जातियां इस देश का सौंदर्य है। लेकिन हम जातियों में बंटे हो, लेकिन हम हिंदू है। हिंदूमान बिंदु में आगे बढ़ते हुए भारत को देख रहो है। विदेशों में योग और आयुर्वेद के लिए सम्मान बढ़ा है। ये हिंदू राष्ट्र है, यहां दो प्रकार के लोग है एक हिंदू और दूसरे वे जिनके पूर्वज हिंदू थे।