मंदसौर। मध्यप्रदेश के पश्चिमी जिले मंदसौर में 20 फरवरी 2026 को पहली बार “सरसों संगम” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय संस्था सॉलिडरिडाड तथा द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया एसईए के तत्वावधान में होगा।
कार्यक्रम में मंदसौर, रतलाम, नीमच (मध्यप्रदेश) तथा प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) सहित आसपास के सरसों उत्पादक जिलों से 2000 से अधिक किसान भाग लेंगे। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद, एसईए के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. बी. वी. मेहता तथा विभिन्न सहयोगी कंपनियों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यानिकी महाविद्यालय, उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नाबार्ड, राष्ट्रीय बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्थाओं के वैज्ञानिक और अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना “राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन” के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। मिशन का मुख्य उद्देश्य तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों को बेहतर बाज़ार से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को नई तकनीकों, पुनर्याेजी कृषि पद्धतियों, किसान उत्पादक संगठन, ग्रीन एनर्जी, बायो-इनपुट्स और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी। साथ ही इन क्षेत्रों में कार्यरत विभिन्न उद्यमी संस्थाएँ और कंपनियाँ प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाएंगी।
यह जानकारी सॉलिडरिडाड संस्था के प्रतिनिधि द्वारा दी गई।