चित्तौड़गढ़। निम्बाहेड़ा में धनगर पूर्बिया गाडरी समाज मालवा मेवाड़ निम्बाहेड़ा का 12वाँ तुलसी एवं सामूहिक विवाह सम्मेलन सम्पन्न हुआ। जानकारी देते हुए युवा अध्यक्ष मदन पूर्बिया चौहान ने बताया कि प्रातः 9 बजे शोभायात्रा निकाली गई जो निम्बाहेड़ा कृषि उपज मंडी प्रांगण से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गाे से होती हुई विवाह स्थल अंबा माता मंदिर प्रांगण पहुंची जहाँ 42 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंध कर नवदाम्पत्य जीवन की शुरूआत की। विवाह समारोह पारंपरिक विधि विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीचंद कृपलानी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्बिया समाज राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतानसिंह पाल ने की। विशिष्ठ अतिथि प्रदेश अध्यक्ष यदुवीर सिंह बघेल, प्रदेश संयोजक गणेशलाल सांखला भीमगढ़, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रतनलाल कांटी, जिलाध्यक्ष श्रवण चौहान सावा, उदयपुर से जिलाध्यक्ष किशनलाल, अम्बालाल, गजेन्द्र, भीलवाड़ा से केशूलाल, प्रेमलाल देवड़ा, भेरूलाल पहलवान, गोपाल चौहान बड़ोदिया, छगन पांडोली, गोपाल चामटीखेड़ा मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत सम्मेलन अध्यक्ष रामरतन गुजेला चांदखेड़ा, सचिव हीरालाल, कोषाध्यक्ष ख्यालीराम चांदखेड़ा, अम्बालाल, हरिराम, कालूराम, लालाराम, श्यामलाल, बद्रीलाल, घीसालाल रानीखेड़ा, प्रभुलाल, भीमराज, बगदी पटेल, नंदकिशोर, बद्री, प्रभुलाल मनासा, राजूलाल, ताराचंद पिराना, कालू पंवार रतलाम, भूपेन्द्र, डालुलाल सरवानिया, पार्षद कंवरलाल, डालूराम, जमनालाल कपासन, रतनलाल रेणका खेड़ा, मोहनलाल, डावसलाल सावा, मास्टर किशनलाल जाडाना, लालूराम नया खेड़ा, छगन पांडोली आदि ने किया। मंच संचालन राष्ट्रीय संगठन मंत्री रतनलाल कांटी ने किया।
युवा कार्यकर्ता अंकित गुजेला चांदखेड़ा ने बताया कि सामूहिक विवाह के दौरान भगवान के चंवर ढोलने की बोली 55 हजार चंपालाल निकुंभ व तुलसी विवाह की बोली 1 लाख 21 की पप्पूलाल नगरी ने लगाई। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। अंत में सभी नव दंपतियों को गृहस्थी की आवश्यक सामग्री भेंट कर शुभकामनाएँ दी गई।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतानसिंह पाल ने संबोधित करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन करने का मुख्य उद्देश्य फिजूल खर्ची को रोकना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो को सहयोग प्रदान करना होता है। समाज का मानना है कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार में अनावश्यक खर्चों से परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। ऐसे में सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने पूर्बिया समाज द्वारा यह आयोजन नियमित क्रम से आगे भी किये जाने का भरोसा दिलाया ताकि समाज के जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके।