रतलाम। नए लेबर लॉ समेत कई मुद्दों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। रतलाम में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। शहर में बाजार और आवागमन सामान्य रहा, लेकिन एसबीआई को छोड़कर शेष अन्य बैंकों में ताला लगा रहा। एलआईसी, पोस्ट ऑफिस और बीएसएनएल समेत कई संगठनों के कर्मचारियों ने प्रेस क्लब पर प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
एलआईसी, पोस्ट ऑफिस, आयकर विभाग, एमआर एसोसिएशन, आशा-उषा कार्यकर्ता, पेंशनर्स एसोसिएशन, बीएसएनएल और बैंक समेत अन्य सभी श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी व कर्मचारी रतलाम प्रेस क्लब पर एकत्र हुए। यहां दो घंटे तक सभा चली, जिसमें सभी ने सरकार की मनमर्जी के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। दोपहर बाद राष्ट्रपति के नाम मांगों के निराकरण का ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल में शामिल नहीं हुआ।
ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समिति अध्यक्ष ईश्वर लाल पुरोहित ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी है। कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। जबरन काला कानून को थोप कर कर्मचारियों का हनन कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार 36 प्रतिशत पर बनी है। सरकारों की हठधर्मिता के कारण कर्मचारी अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे है। समय आने पर सरकार को बताया जाएगा।
वहीं, पेंशनर्स एसोसिएशन के कीर्ति शर्मा ने कहा सरकार द्वारा जबरन कर्मचारियों पर काला कानून थोपा जा रहा है जिसे हम कड़ा विरोध करते हैं। सरकार हमारी मांगे नहीं मानती है तो आगामी चुनाव में उन्हें परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।