भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि इंजीनियर साक्षात विश्वकर्मा का अवतार हैं। जो आप बनवाना चाहो वह सब कुछ बना देने का काम इंजीनियर का है। इंजीनियर ज्ञान की ही साक्षात मूर्ति हैं। हम बताएं कि सड़क, पुल, पुलिया चाहिए, यह सब बना देते हैं। इसके साथ ही गुणवत्ता, समय सीमा की भी चुनौती है। जनता अलग परेशान करती है, पुलिस वाले अलग परेशान करते हैं। ठेकेदार मानते नहीं है। ये सारी चुनौती हैं और इसमें जनप्रतिनिधि को तो अभी शामिल ही नहीं किया है।
मुख्यमंत्री ने ये बातें ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट, आधुनिक भवन निर्माण तकनीक कार्यशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि शरीर रचना में पांच तत्व हैं और ये पांच तत्व लोक निर्माण विभाग में भी हैं। सीएम यादव ने कहा कि विज्ञान के सुसंगत प्रयोगों के आधार पर मन को इसके लायक बनाकर रखना है। भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट से मार्गदर्शन मिलने के पीछे कोई विक्रमादित्य भी है। सरकारी टेक्नोलॉजी के लिए सरकारी व्यवस्था इतनी कष्टकारी है कि सारी बातों को करने के लिए सरल तरीका अपनाना आसान नहीं है।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सरकार औचक निरीक्षण के काम को गति देगी। जो सही काम करेगा, उसे संरक्षण मिलेगा और गलत काम करने वालों पर एक्शन होगा। मंत्री सिंह ने कहा कि अहमदाबाद जाकर विभाग की एक टीम वहां तकनीक को समझने का काम करती है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर बजट मॉड्यूल तैयार किया गया है। पिछले तीन वर्षों के बजट में शामिल सड़कों को भी इसमें शामिल किया गया है। सिस्टम बता देगा कि कौन सी सड़क या उसका भाग पिछले तीन सालों में सुधारने, बनाने के काम में शामिल रहा है।
भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से यह काम हो पाया है। बजट का सही और अधिकतम, संतुलित और व्यवहारिक उपयोग इसके माध्यम से हो सकेगा। हर एक किमी का जवाब और हर एक रुपए का हिसाब अब बजट में है। हर रोज नई तकनीक और नवाचार सामने आ रहे हैं। इसके लिए इंजीनियर ट्रेंड रहें, इसके लिए समयानुसार प्रशिक्षण दिलाने का काम शुरू किया है।
गैर पेड़ या टहनी काटे कम्प्यूटर नई तकनीक से बिल्डिंग का निर्माण कर देता है
मंत्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी, इंजीनियरिंग स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के साथ एमओयू किया जा रहा है। यहां ऐसा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट बनाने की तैयारी है जहां दूसरे राज्यों के इंजीनियर ट्रेनिंग लेने के लिए आ सकें।
बगैर पेड़ या टहनी काटे कम्प्यूटर नई तकनीक से बिल्डिंग का निर्माण कर देता है, ऐसी ही तकनीक को पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने समझा है और अब इसी पर काम कराने पर जोर दिया जा रहा है। मंत्री सिंह ने कहा कि पांच करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट में लोक कल्याण सरोवर बनाए जाने की थीम पर काम किया जा रहा है। इन सरोवरों के औचक निरीक्षण की कार्यवाही भी आने वाले समय में की जाएगी।
इसके पहले स्वागत उद्बोधन में प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने कहा कि अब तक हम सड़क को लेकर कार्यशाला कर चुके हैं, आज की कार्यशाल में बिल्डिंग तकनीक पर फोकस किया जा रहा है। अब हम जिस तरह से प्लानिंग कर रहे हैं, वह विकसित भारत की कार्ययोजना के आधार पर तैयार की गई है। लॉजिस्टिक कॉस्ट में दस से 12 फीसदी कमी लाने पर विभाग ने अपना ध्यान केंद्रित किया है।