BREAKING NEWS
NEWS : चित्तौड़गढ़ जेल वायरल वीडियो केस में बड़ा.. <<     NEWS : मित्रता दिवस पर लायंस क्लब ने बढ़ाया दोस्ती.. <<     KHABAR : मित्रता दिवस के उपलक्ष पर इनरव्हील क्लब.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : क्षेत्र में विकास कार्यों को मिल रही गति,.. <<     REPORT : सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ में 31.01 करोड़ की विकास परियोजनाओं.. <<     NEWS : बजट घोषणा 2026-27 चित्तौड़गढ़ जिले में 48.16 करोड़.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     NEWS : वार्ड 9 से 17 के लिए गुरुवार को लगेंगे.. <<     BIG NEWS : नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण के लिए.. <<     KHABAR : ग्रामीण बोले- मजदूरी करें या बच्चों को.. <<     KHABAR : 7 अगस्त से प्रस्तावित बस हड़ताल टली, सरकार.. <<     REPORT : नीमच में आजादी के जश्न की भव्य तैयारी,.. <<     KHABAR : मनासा में बाल सुरक्षा अभियान, 500 छात्राओं.. <<     BIG NEWS : मैदान बचाओ आंदोलन ने पकड़ा जोर, नीमच में.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
February 12, 2026, 6:14 pm
KHABAR : लौह अयस्क खनन की अनुमति का विरोध, विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, माइनिंग विभाग की रिपोर्ट में तथ्य छिपाने का आरोप, पढे़ खबर 

Share On:-

बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत दलदला के पचामा दादर अनुसूचित क्षेत्र में दादर बॉक्साइड ब्लॉक व लौह अयस्क खनन के लिये 60 हेक्टेयर में खनन की अनुमति दी जा रही है। आगामी 18 फरवरी को जनसुनवाई की तारीख नियत की गई हैं। तारीख सामने आते ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। विधायक संजय उईके के नेतृत्व में ग्रामीण सरकार से लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं। जनसुनवाई के पहले आज 12 फरवरी को उकवा में चक्काजाम प्रदर्शन किया गया।


यहां वन अधिकार नियम और पेसा एक्ट लागू
बैहर विधायक संजय उईके का कहना हैं कि बालाघाट जिले का आदिवासी बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र बैहर पांचवीं अनुसूची के तहत अधिसूचित है। जिसके चलते यहां वन अधिकार नियम और पेसा एक्ट लागू एवं आदिवासियों के लिए आरक्षित है। ऐसे में ग्राम पंचायत से एनओसी लेना अनिवार्य है। पिछले दिनों पर्यावरण विभाग और खनिज विभाग द्वारा खनन के संबंध में दावे आपत्ति मांगे गए थे जिसमें सभी ग्राम पंचायतों ने खनन के विरोध में आपत्तियां दर्ज कराई थी। इसके बाद भी सरकार ने पचामा दादर में 60 हेक्टेयर जंगल और पहाड़ो में बॉक्साइड और लौह अयस्क खनन की मंजूरी दे दी है।


जो रिपोर्ट तैयार की गई वह गलत
स्टेट माईनिंग कार्पाेरेशन द्वारा खनन को लेकर जो रिपोर्ट ग्रामीणों को दी गई वह अंग्रेजी में हैं। यहां पर वनाधिकार कानून लागू है और रिपोर्ट में यह बताया गया कि संबंधित क्षेत्र में वनाधिकार कानून लागू नहीं हैं। कान्हा व पेच कारीडोर होने से वन्यप्राणियों का विचरण व रहवास होता है जिसे छुपाया गया हैं। जो रिपोर्ट तैयार की गई वह गलत है। यहां पर निकट में प्राकृतिक जल स्रोत है जिसे छुपाया गया हैं। वन व वन्यप्राणी की संख्या को भी जिसे छुपाया गया हैं। स्थान को दूसरी जगह पर बताया गया हैं।


इनका जीवन रोजी रोटी वनों पर निर्भर
विधायक उईके ने कहा कि आदिवासी ग्रामीणों के जीवन का मुख्य आधार ही जंगल और प्राकृतिक जल स्त्रोत है और इनका जीवन रोजी रोटी वनों पर निर्भर है। सरकार झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत कर निजी क्षेत्र की कंपनियों और मप्र स्टेट माइनिंग कॉर्पाेरेशन को खनन के लिए मंजूरी दे रही है। इससे पर्यावरण, वन्यजीव, जैव विविधता आदिवासियों का जीवन संकट में पड़ जायेग। जल जंगल और जमीन को बचाने के लिए यह आंदोलन और संघर्ष किया जा रहा हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE