मंदसौर। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार अजाक रेंज उज्जैन के अंतर्गत जिला मंदसौर में वर्ष 2025 के दौरान अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के प्रकरणों के प्रभावी क्रियान्वयन, चालान प्रस्तुत करने, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण एवं राहत प्रकरणों के निष्पादन में विशेष रुचि लेकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है।
जारी आदेश में बताया गया है कि थाना सीतामऊ के प्रभारी निरीक्षक कमलेश प्रजापति एवं थाना सुवासरा के प्रभारी निरीक्षक अनिल रघुवंशी ने अजाक प्रकरणों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए उच्च स्तर का प्रदर्शन किया, जिसके चलते उन्हें डीजीपी कार्यालय से सम्मानित किया जाएगा।
निरीक्षक कमलेश प्रजापति (थाना सीतामऊ) द्वारा वर्ष 2025 में कुल 33 अजाक अपराधों में से 32 प्रकरणों का निराकरण किया गया। सभी 32 मामलों में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए गए, जबकि राहत के सभी 32 प्रकरण तैयार कर पूर्ण किए गए। केवल 1 प्रकरण लंबित रहा। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें 1700 की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
इसी प्रकार निरीक्षक अनिल रघुवंशी (थाना सुवासरा) द्वारा वर्ष 2025 में दर्ज 20 अजाक प्रकरणों में से सभी 20 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें 16 मामलों में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जबकि 4 चालान प्रक्रियाधीन रहे। सभी 20 राहत प्रकरण समय पर तैयार किए गए। उनके इस कार्य के लिए भी 1700 की नगद राशि से सम्मानित किया जाएगा।
यह आदेश विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) आशुतोष रॉय द्वारा जारी किया गया है। पुलिस विभाग ने दोनों अधिकारियों के कार्य की सराहना करते हुए इसे अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।