छतरपुर। बुंदेलखंड के प्रसिद्ध आस्था केंद्र बागेश्वर धाम में आयोजित होने जा रहे सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 13 और 14 फरवरी को हल्दी एवं मेहंदी की रस्में संपन्न होंगी, जबकि 15 फरवरी को 300 बेटियों की बारात धाम पहुंचेगी। पिछले 1 महीने से दिन-रात चल रही तैयारियों के बीच 12-13 फरवरी की आधी रात को अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी गई। रात 3ः30 बजे अन्नपूर्णा मंडप में महाराज पहुँचे।
मध्य रात्रि के दरमियान बागेश्वर महाराज मोटरसाइकिल से अचानक अन्नपूर्णा मंडप पहुंचे। उस समय सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता और सेवादार आगामी मंडप के दिवस पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी और भंडारे की तैयारी में जुटे थे महाराज के अचानक पहुंचने से वहां मौजूद सेवादार, कार्यकर्ता आश्चर्यचकित रह गए। इस दौरान महाराज श्री ने स्वयं भट्टी पर बैठकर पूड़ियाँ तलीं, और भंडार गृह, प्रसाद वितरण, प्रसाद पाने आदि व्यवस्था को पैदल घूमकर देखा। तदोपरांत अन्नपूर्णा मंडप के बाद महाराज सीधे उस मुख्य विवाह मंडप में पहुँचे, जहाँ 300 कन्याओं का पाणिग्रहण संस्कार होना है। मंडप की साज-सज्जा, बैठने की व्यवस्था, आवागमन मार्ग और सुरक्षा इंतजाम का , सज सज्जा सहित आदि जगहों का बारीकी से अवलोकन किया गया। वहीं बगल में लगे 57 मायने वाले बेटियों के उपहार सामग्री कक्ष प्रांगण में जाकर विवाह हेतु तैयार किए गए सामान की जानकारी ली और वीडियो के माध्यम से व्यवस्थाओं को साझा किया। बागेश्वर महाराज हर वर्ष रात्रि निरीक्षण करते हैं।
धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाले सामूहिक कन्या विवाह से पूर्व एक-दो दिन पहले बागेश्वर महाराज स्वयं रात्रि निरीक्षण करते हैं। उद्देश्य यह रहता है कि आने वाले श्रद्धालुओं और बारातियों को किसी प्रकार की असुविधा न होकृचाहे वह प्रसाद, आवास, पेयजल या आवागमन से जुड़ी हो। निरीक्षण के दौरान समिति को आवश्यक निर्देश भी दिए गए, ताकि कार्यक्रम सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। समिति द्वारा महाराज के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है,300 निर्धन और जरूरतमंद बेटियों के विवाह को लेकर पूरे धाम में सेवा और समर्पण का वातावरण है। हल्दी, मेहंदी और विवाह समारोह के साथ यह आयोजन आस्था, सामाजिक समरसता और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण बन रहा है।