छतरपुर। केन बेतवा लिंक परियोजना के आंदोलन कारियों क़ो गलत ठहराने वाला जिला प्रशासन आखिर आंदोलन कारियों के सामने सरेडर की मुद्रा में आ गया हैं, टकराव टालने का इससे अच्छा और कोई विकल्प नहीं था केन बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामवासियों की मांग को संज्ञान में लेते हुए विचारोपरांत कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पृथक से जिला स्तर पर तहसीलदार सटई की अध्यक्षता में सर्वे दल का गठन किया है। दल के द्वारा 13 ग्रामों में पारदर्शी ढंग से सर्वे कार्य पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। ऐसे लोग जो मुआवजा पैकेज पाने से छूटे हैं। उनका पुनः सर्वे किया जाएगा। अगर कोई पात्र व्यक्ति छूटा हुआ है। जिसके दस्तावेज में कोई कमी है उनके दस्तावेज बनाने में सहूलियत दी जाएगी और जिला प्रशासन मदद करेगा। ऐसे पात्र व्यक्ति का पुनः नाम जोड़कर उन्हें मुआवजा राशि का वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रभावित ग्रामों में निरंतर ग्राम सभाएं भी जारी रहेंगी और जिसमें लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाएगी और लाभान्वित लोगों की सूची विस्तृत रूप से ग्रामों में चस्पा भी की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि केन बेतवा लिंक परियोजना अंतर्गत डैम का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। जिसकी जानकारी ग्रामवासियों को समय समय पर दी जाती रहेगी। इसके अलावा बताया गया कि संबंधित विस्थापन प्रभावित परिवारों को शासन की सभी योजना का पात्रता अनुसार लाभ देने के लिए पूर्ण सहयोग किया जाएगा और पात्रता अनुसार लाभ दिलाया जाएगा। साथ ही पूर्ण संवेदनशीलता के साथ शासन द्वारा घोषित नीति के तहत समस्त विस्थापन के लाभ प्रदान किए जाएंगे।