छतरपुर। जिले के लवकुशनगर नगर से महज 3 किलोमीटर दूर ग्राम मढ़ा में एक अनोखा विवाह समारोह संपन्न हुआ, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों से हटकर सादगी और सामाजिक संदेश के साथ आयोजित किया गया।
लवकुशनगर अनुविभाग के ग्राम घूरापुरवा निवासी दयाराम पटेल के पुत्र डॉ. भरत पटेल का विवाह ग्राम मढ़ा निवासी कल्लू पटेल की पुत्री गीता के साथ संपन्न हुआ। खास बात यह रही कि यह विवाह बिना पुरोहित और बिना मंत्रोच्चारण के आयोजित किया गया।
दिन के समय आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के पुरोहितों और महापुरुषों की तस्वीर को साक्षी मानकर दंपति ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। समारोह पूरी तरह सादगी, समानता और संवैधानिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए संपन्न हुआ। दंपति ने पारंपरिक सात फेरे की बजाय आठ वचन लिए, जो सामाजिक जिम्मेदारी और आपसी समानता का संदेश देते हैं।
वर-वधु ने जो आठ वचन लिए, उनमें हर परिस्थिति में साथ निभाने, एक-दूसरे के सपनों और करियर का सम्मान करने, परिवार और पूर्वजों का आदर करने, रिश्ते में विश्वास बनाए रखने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प शामिल रहा।
इसके साथ ही प्रकृति संरक्षण, नशामुक्ति और पाखंड के विरोध का संदेश भी दिया गया।
इस अनोखे विवाह समारोह में बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, परिजन और स्थानीय लोग उपस्थित रहे और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। सादगी और सामाजिक संदेश से जुड़ा यह विवाह क्षेत्र में नई सोच की मिसाल बनकर उभरा है।