मंदसौर। जिला बाल संरक्षण इकाई, मंदसौर द्वारा नगरपालिका सभाकक्ष में वल्नरेबिलिटी मैपिंग विषय पर प्रथम चरण की जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत आयोजित की गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बी.एल. विश्नोई ने बताया कि मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 (संशोधन 2021) के प्रावधानों के अनुसार बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण के लिए सकारात्मक उपाय अपनाए जा रहे हैं। इसके तहत परिवार एवं समुदाय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों को जोड़ते हुए कमजोर एवं संवेदनशील बच्चों की पहचान कर उनके लिए समावेशी एवं सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाना है।
इसी उद्देश्य से प्रदेश शासन के निर्देशानुसार वल्नरेबिलिटी मैपिंग की जा रही है। कार्यशाला में जिले की सभी 9 परियोजनाओं के पर्यवेक्षक एवं ब्लॉक को-ऑर्डिनेटरों ने भाग लिया। उड़यन केयर एवं ममता टीम द्वारा वल्नरेबिलिटी मैपिंग टूल का प्रशिक्षण दिया गया तथा जिले में प्रस्तावित सर्वे के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग, विशेष पुलिस इकाई, जिला योजना विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य एवं बाल कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई तथा वल्नरेबिलिटी मैपिंग से प्राप्त सूची को विभिन्न विभागीय योजनाओं से जोड़ने की कार्यप्रणाली पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम अधिकारी बी.एल. विश्नोई एवं सहायक संचालक मनीष कुमार आटोडिया ने प्रशिक्षकों का स्वागत करते हुए जिले में वल्नरेबिलिटी मैपिंग की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।